द लोकतंत्र/बिहार न्यूज़: बिहार कैबिनेट ने राजधानी पटना के गर्दनीबाग में Patna Tech Park स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार के अनुसार, इस परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और 100 से अधिक कंपनियों के निवेश की संभावना है। टेक पार्क को विकसित करने के लिए बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NBCC (India) Limited के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने को भी मंजूरी दी गई है।
गर्दनीबाग में बनेगा बिहार का पहला टेक पार्क
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में टेक पार्क से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार ने इसके निर्माण और विकास के लिए NBCC (India) Limited, New Delhi के चयन को नामांकन के आधार पर स्वीकृति दी है।
प्रस्ताव के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और NBCC के बीच MoU किया जाएगा। सरकार का कहना है कि टेक पार्क पटना में IT और ITES यानी सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद करेगा।
100 से ज्यादा कंपनियों को निवेश का मौका
बिहार सरकार को उम्मीद है कि टेक पार्क में 100 से अधिक कंपनियां निवेश कर सकती हैं। इसके जरिए राज्य में तकनीकी और कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
यह परियोजना Bihar IT Policy 2024 और Bihar GCC Policy 2026 के तहत निवेश आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके अलावा IT, ITES और ESDM (Electronic System Design and Manufacturing) जैसे क्षेत्रों में नए निवेश के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
युवाओं को राज्य में रोजगार देने पर जोर
टेक पार्क से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य बिहार के तकनीकी रूप से योग्य युवाओं को राज्य में ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इससे रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले युवाओं की संख्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।
बिहार सरकार पहले से ही IT और कौशल विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों पर काम कर रही है। राज्य में जिला और प्रखंड स्तर तक IT विभाग की पहुंच बढ़ाने की योजना भी है, ताकि सरकारी IT परियोजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत किया जा सके।
बिहार में टेक और निवेश का नया केंद्र बनाने की तैयारी
पटना में टेक पार्क की स्थापना को राज्य में IT सेक्टर के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके जरिए कंपनियों को निवेश के लिए जगह और तकनीकी गतिविधियों के लिए बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।
सरकार के मुताबिक, परियोजना का उद्देश्य केवल रोजगार पैदा करना नहीं, बल्कि बिहार में IT, ITES और ESDM जैसे क्षेत्रों का इकोसिस्टम विकसित करना भी है। इससे राज्य में निजी निवेश और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी नई गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
यह भी पढ़े – GST Inspection: अब केवल Origin और Destination State में रोके जा सकेंगे मालवाहक वाहन




