द लोकतंत्र/बिजनेस न्यूज़: GST Inspection को लेकर सरकार ने माल ढुलाई से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। GST Council की सिफारिश के अनुसार, माल लेकर जा रहे वाहनों को अब रास्ते में पड़ने वाले राज्यों में नियमित जांच के लिए नहीं रोका जा सकेगा। वाहन की जांच, रोक या माल जब्त करने की कार्रवाई मुख्य रूप से उसी राज्य में की जा सकेगी जहां माल भेजने वाला या माल पाने वाला स्थित है। हालांकि, ये बदलाव फिलहाल सिफारिशों के स्तर पर हैं और इन्हें कानूनी रूप देने के लिए संबंधित प्रावधानों में संशोधन जरूरी होगा।
Transit State में नहीं होगी नियमित जांच
नई व्यवस्था का उद्देश्य दूसरे राज्यों से होकर गुजरने वाले मालवाहक वाहनों की बार-बार जांच को कम करना है। उदाहरण के लिए, अगर किसी राज्य से माल दूसरे राज्य भेजा जा रहा है और बीच में कोई तीसरा राज्य पड़ता है, तो उस तीसरे यानी Transit State के GST अधिकारी सामान्य स्थिति में वाहन को रोककर जांच, हिरासत या जब्ती की कार्रवाई नहीं कर सकेंगे।
ऐसे मामलों में कार्रवाई का अधिकार उस राज्य के अधिकारियों के पास होगा जहां Supplier यानी माल भेजने वाला या Recipient यानी माल प्राप्त करने वाला मौजूद या पंजीकृत है। सरकार का मानना है कि इससे माल की आवाजाही आसान होगी और परिवहन में होने वाली देरी कम होगी।
वाहन रोकने के लिए Specific Intelligence जरूरी
प्रस्तावित नियमों के तहत किसी मालवाहक वाहन को केवल सामान्य या रैंडम जांच के लिए नहीं रोका जा सकेगा। वाहन को रोकने के लिए Specific Intelligence यानी किसी विशेष जानकारी या संदेह का आधार होना जरूरी होगा।
इसके अलावा, वाहन को रोकने की अनुमति ऐसे अधिकारी से लेनी होगी जो Joint Commissioner यानी संयुक्त आयुक्त के पद से नीचे का न हो। अधिकारी को यह कारण लिखित रूप में दर्ज करना होगा कि उसे क्यों लगता है कि माल या वाहन GST कानून या उसके नियमों का उल्लंघन कर रहा है।
E-Way Bill नहीं होने पर नियम अलग
हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण अपवाद भी रखा गया है। अगर माल ले जा रहे वाहन के लिए E-Way Bill ही नहीं बनाया गया है या वाहन में माल के Origin और Destination को दिखाने वाले जरूरी दस्तावेज मौजूद नहीं हैं, तो Transit State के अधिकारी भी कार्रवाई कर सकेंगे।
ऐसी स्थिति में अधिकारी माल और वाहन की जांच कर सकते हैं तथा जरूरत पड़ने पर उसे रोक या जब्त भी कर सकते हैं। इसका उद्देश्य बिना जरूरी दस्तावेजों के माल की आवाजाही को रोकना है।
व्यापार और Transport Sector को राहत की उम्मीद
GST Council की 57वीं बैठक में सुझाए गए इन बदलावों का उद्देश्य Goods Transportation को आसान बनाना और कारोबारियों तथा Transport Sector के लिए अनावश्यक रुकावट कम करना है। उद्योग संगठनों ने भी कहा है कि बार-बार होने वाली जांच से ट्रकों की आवाजाही में देरी और अतिरिक्त लागत बढ़ती है। नए नियम लागू होने के बाद अंतरराज्यीय माल परिवहन में ऐसी रुकावटें कम होने की उम्मीद है।
हालांकि, GST Council की सिफारिशें अपने आप कानून नहीं बनतीं। इन्हें प्रभावी बनाने के लिए CGST Act, 2017 की संबंधित धाराओं में संशोधन और आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करनी होंगी।
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