द लोकतंत्र/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ‘सनातन विरोधी दशानन रावण’ के नाम से लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी है। पोस्टर में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष Akhilesh Yadav, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क और कई अन्य चर्चित चेहरों को रावण के दस सिरों की तरह दर्शाया गया है। पोस्टर को लेकर सियासी हलचल के बीच अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित विवादों को उठाया। इस घटनाक्रम ने धार्मिक प्रतीकों, राजनीतिक विरोध और सार्वजनिक पोस्टरबाजी को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
दशानन रावण’ पोस्टर में Akhilesh Yadav के कितने चेहरे?
लखनऊ में लगाए गए इन पोस्टरों को सनातन रक्षा संगठन की ओर से जारी किए जाने की बात कही गई है। पोस्टर में Akhilesh Yadav और राहुल गांधी के अलावा पूर्व सांसद अतीक अहमद, अमेरिकी कारोबारी एलन मस्क, अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख रहे मोहम्मद यूनुस, जॉर्ज सोरोस, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण और मुख्तार अंसारी जैसे लोगों के चेहरे शामिल हैं। संगठन ने इन चेहरों को ‘सनातन विरोधी’ बताते हुए भारत विरोधी गतिविधियों और देश को अस्थिर करने की कथित कोशिशों से जुड़े आरोप लगाए हैं।
Akhilesh Yadav ने राम मंदिर का मुद्दा उठाकर BJP पर साधा निशाना
पोस्टर विवाद के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टर लगाने का उद्देश्य केवल राजनीतिक विरोध जताना नहीं, बल्कि उसके नीचे लगे भगवान राम के पोस्टर को छिपाना था। अखिलेश ने अपने पोस्ट में रामलला मंदिर में कथित चोरी और चढ़ावे से जुड़े विवादों का जिक्र करते हुए भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े विवादों के कारण भाजपा के प्रति लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
सपा अध्यक्ष ने लखनऊ में रामचरितमानस विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह के राजनीतिक माहौल में रामचरितमानस पर लाठी चलवाई गई थी। अखिलेश ने आशंका जताई कि पोस्टर विवाद के बहाने धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक टकराव का रूप दिया जा सकता है।
एलन मस्क से जॉर्ज सोरोस तक, संगठन ने लगाए आरोप
Akhilesh Yadav के अलावा पोस्टर में शामिल विदेशी हस्तियों और अन्य सार्वजनिक चेहरों को लेकर सनातन रक्षा संगठन ने अलग-अलग दावे किए हैं। संगठन ने एलन मस्क की सोशल मीडिया गतिविधियों, इल्हान उमर के कथित भारत विरोधी बयानों और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की उनकी यात्रा का हवाला दिया है। इसके अलावा संगठन ने बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद मोहम्मद यूनुस की भूमिका और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से जुड़े कथित बयानों पर भी सवाल उठाए हैं।
जॉर्ज सोरोस पर भी संगठन ने भारत को अस्थिर करने की कोशिशों से जुड़े आरोप लगाए हैं। अखिलेश यादव और प्रशांत भूषण को लेकर संगठन का दावा है कि वे ऐसे लोगों के साथ मंच साझा कर चुके हैं, जो भारत में सत्ता परिवर्तन या तख्तापलट की बात करते हैं।
पोस्टर विवाद में धर्म और राजनीति आमने-सामने
लखनऊ में लगे ‘दशानन रावण’ पोस्टरों ने एक बार फिर राजनीतिक विरोध में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं। एक ओर संगठन ने अपने पोस्टर के जरिए संबंधित लोगों के प्रति विरोध जताया है, तो दूसरी ओर अखिलेश यादव ने इसे भाजपा पर हमला करने और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर बनाया है। फिलहाल, इस विवाद में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। पोस्टर लगाने के पीछे संगठन की मंशा, उसमें किए गए दावों की प्रमाणिकता और अखिलेश यादव के आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया जैसे सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
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