द लोकतंत्र/अंतरराष्ट्रीय न्यूज़: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंगलवार को भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि देश बढ़ती वेनेजुएला की तेल आपूर्ति को प्रोसेस करने में अहम भूमिका निभा सकता है। मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने भारत को ‘Refining Superpower’ बताया और कहा कि भारतीय रिफाइनरियां भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि भारत पहले भी इस तरह के crude को रिफाइन कर चुका है।
वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल पर भारत की नजर
Rubio के मुताबिक, अगर वेनेजुएला से कच्चे तेल का उत्पादन और आपूर्ति बढ़ती है तो भारतीय कंपनियां उसे रिफाइन करने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास भारी crude को संभालने का अनुभव और जरूरी रिफाइनिंग क्षमता पहले से मौजूद है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वेनेजुएला अकेले दुनिया में होने वाली ऊर्जा की कमी को पूरी तरह दूर नहीं कर सकता। इसके बावजूद, उसकी बढ़ती आपूर्ति से कम समय में वैश्विक तेल बाजार को कुछ राहत मिल सकती है और आगे चलकर उसका योगदान बढ़ सकता है।
रुबियो ने एक और महत्वपूर्ण पहलू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों के पास वेनेजुएला में पहले से oil concessions हैं। इन मौजूदा परिसंपत्तियों के जरिए उत्पादन बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है। यानी भारत की भूमिका केवल वेनेजुएला से crude खरीदकर उसे रिफाइन करने तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि भारतीय कंपनियां वहां उत्पादन बढ़ाने में भी योगदान दे सकती हैं।
Reliance के साथ तेल उत्पादन पर बातचीत
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे पर Reliance Industries के साथ बातचीत करेगा। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका इस विषय पर पहले भी चर्चा कर चुके हैं और भारतीय पक्ष इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार दिखाई देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आगे बढ़ने से पहले sanctions और अन्य नियामकीय अड़चनों से जुड़े मुद्दों को सुलझाना होगा।
अपनी भारत यात्रा के दौरान मुंबई के बाद गुजरात के जामनगर में Reliance के बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा करने वाले हैं। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा सहयोग के साथ-साथ व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत जारी है।
भारत ने तेल आयात के स्रोत किए विविध
Rubio ने भारत की oil import diversification रणनीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने तेल आयात के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। भारत अभी भी रूस से बड़ी मात्रा में crude oil खरीदता है, लेकिन अमेरिका के अनुसार नई परिस्थितियों में भारत दूसरे स्रोतों से भी आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
भारत की कुल crude oil जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात से पूरा होता है। ऐसे में अलग-अलग देशों से तेल खरीदना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा का असर कीमतों और आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है। इसी संदर्भ में अमेरिका वेनेजुएला से अतिरिक्त तेल उत्पादन और उसकी वैश्विक बाजार में उपलब्धता बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा कर रहा है।
रुबियो ने कहा कि वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजार में अधिक मात्रा में लाने से तत्काल कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसके लिए मौजूदा प्रतिबंधों और अन्य बाधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान जरूरी होगा।
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