द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के गढ़फुलझर में कोलता समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन और बंधु मिलन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से बने सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। साथ ही मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम बनाने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़फुलझर के विकास के लिए वर्ष 2024 में किए गए वादे अब पूरे हो रहे हैं। इन कामों से क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
गढ़फुलझर में सड़क और तालाब का भी हो रहा विकास
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि गढ़फुलझर में सर्वमंगल भवन के अलावा दूसरे विकास कार्य भी चल रहे हैं। मानसरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण पर 48 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, करीब पौने दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी प्रगति पर है, जिस पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से गांव और आसपास के इलाकों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। सरकार क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कोलता समाज के योगदान की मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने की सराहना
मुख्यमंत्री ने कोलता समाज की तारीफ करते हुए कहा कि इस समाज ने कृषि, शिक्षा, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि समाज की एकता और आपसी सहयोग दूसरे लोगों के लिए भी प्रेरणा है। साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, प्रदेश में हर दिन करीब 1,600 आवास बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा किसानों, श्रमिकों, युवाओं और जरूरतमंद परिवारों के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
तकनीक से आसान होंगी सरकारी सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की समस्याओं का जल्दी समाधान करने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का जिक्र किया। उनके अनुसार, सेवा सेतु पोर्टल पर 36 विभागों की करीब 700 सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
पर्यटन और सिंचाई परियोजनाओं पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन की काफी संभावनाएं हैं। पर्यटन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ाने और होमस्टे जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है। उन्होंने सिरपुर बैराज और सिकासेर-कोडार लिंक परियोजना का भी उल्लेख किया। इन परियोजनाओं से सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल और प्रदेश के मंत्री दयाल दास बघेल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सांसद रूपकुमारी चौधरी ने क्षेत्र के विकास और धार्मिक स्थलों की सुविधाओं पर बात की, जबकि विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सामाजिक एकता और अंचल के विकास को महत्वपूर्ण बताया। गढ़फुलझर में सर्वमंगल भवन का लोकार्पण और मंदिर परिसर में डोम निर्माण की घोषणा को क्षेत्र में सामाजिक और धार्मिक सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।



