द लोकतंत्र/लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। 1.70 लाख से ज्यादा नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवर मिलेगा। वहीं 17,542 करोड़ रुपये की लागत से चार लिंक एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा में रोबोटिक्स-एआई पार्क को भी मंजूरी दी गई। UP Cabinet की मंगलवार को हुई बैठक में सरकार ने कर्मचारियों से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी तक कई अहम फैसले लिए।
सबसे बड़ी राहत माध्यमिक और बेसिक शिक्षा संस्थानों से जुड़े 1,70,366 नॉन-टीचिंग कर्मचारियों को मिली है। UP Cabinet ने इन कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस मेडिकल कवर को मंजूरी दी है। इसके लिए राज्य सरकार हर साल करीब 51.11 करोड़ रुपये का इंश्योरेंस प्रीमियम वहन करेगी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के मुताबिक, इस फैसले से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर मेडिकल सुविधाएं मिल सकेंगी।
322 किमी के चार लिंक एक्सप्रेसवे को UP Cabinet की मंजूरी
सरकार ने प्रदेश में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए करीब 322 किलोमीटर लंबे चार लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 17,542.06 करोड़ रुपये खर्च होंगे और निर्माण तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इनमें 90.90 किमी का फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, 50.94 किमी का आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, 106 किमी का झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और 74 किमी का जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल है। परियोजनाओं का निर्माण UPEIDA EPC मॉडल पर करेगा। निर्माण एजेंसी पांच साल तक इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी।
ग्रेटर नोएडा में बनेगा रोबोटिक्स-एआई पार्क
UP Cabinet ने ग्रेटर नोएडा में ‘प्रगति रोबोटिक्स पार्क’ बनाने को भी मंजूरी दी है। करीब 69.52 एकड़ जमीन पर विकसित होने वाले इस पार्क में रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों को एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से रोजगार, कनेक्टिविटी और तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
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