द लोकतंत्र : भारतीय वायदा बाजार (MCX) में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक आर्थिक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण घरेलू सराफा बाजार पर दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार की सुबह सोने और चांदी दोनों ही प्रमुख धातुओं ने गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के प्रति संशय ने कीमतों को नीचे की ओर धकेला है।
MCX का कारोबारी विश्लेषण: गिरावट की गहराई
वायदा बाजार में सोने की फरवरी एक्सपायरी और चांदी की मार्च एक्सपायरी दोनों में ही महत्वपूर्ण बिकवाली का दबाव देखा गया।
- सोने का ग्राफ: MCX पर 5 फरवरी 2026 की एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर गुरुवार को ₹1,37,829 प्रति 10 ग्राम पर खुला। सुबह 10:10 बजे तक यह गिरकर ₹1,37,234 के स्तर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से लगभग ₹750 की बड़ी गिरावट को दर्शाता है। शुरुआती कारोबार में इसने ₹1,37,829 का उच्च स्तर छुआ था।
- चांदी की स्थिति: चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। 5 मार्च 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी ₹2,48,882 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले दिन के मुकाबले लगभग ₹1720 की कमी दिखाती है। चांदी का दिन का उच्च स्तर ₹2,51,889 रहा।
मेट्रो शहरों में खुदरा भाव: एक तुलनात्मक अध्ययन
स्थानीय मांग और क्षेत्रीय करों (GST) के कारण विभिन्न शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में भिन्नता बनी हुई है।
| शहर | 24 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति 10 ग्राम) |
| दिल्ली | ₹1,38,150 | ₹1,26,650 |
| मुंबई | ₹1,38,000 | ₹1,26,500 |
| चेन्नई | ₹1,39,090 | ₹1,27,500 |
| कोलकाता | ₹1,38,000 | ₹1,26,500 |
| लखनऊ | ₹1,38,150 | ₹1,26,650 |
| हैदराबाद | ₹1,38,000 | ₹1,26,500 |
चेन्नई में सोने के भाव अन्य महानगरों की तुलना में अब भी ऊंचे बने हुए हैं, जबकि मुंबई और कोलकाता में कीमतें अपेक्षाकृत कम दर्ज की गई हैं।
विशेषज्ञ परामर्श एवं भविष्य का परिदृश्य
- बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट आगामी ‘यूनियन बजट 2026’ और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक समीकरणों का परिणाम है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान सोने से हटकर अन्य सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। हालांकि, दीर्घकालिक रूप से सोना अभी भी मुद्रास्फीति (Inflation) के खिलाफ एक मजबूत ढाल माना जा रहा है। रिटेल खरीदारों के लिए यह गिरावट एक अवसर की तरह हो सकती है, लेकिन विशेषज्ञों की सलाह है कि खरीदारी से पहले स्थानीय हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज की पुष्टि अवश्य कर लें।
निष्कर्षतः, 8 जनवरी का कारोबारी सत्र सोने और चांदी के निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। वैश्विक उतार-चढ़ाव और रुपये की विनिमय दर में बदलाव आने वाले दिनों में कीमतों को और अधिक प्रभावित कर सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के रुझानों पर बारीक नजर रखें और किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले प्रमाणित स्रोतों से भाव की पुष्टि करें।

