द लोकतंत्र : भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच हुए नए व्यापार समझौते (FTA) का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखने लगा है। बुधवार को बाजार में आई शानदार रिकवरी के बाद आज, 29 जनवरी को निवेशकों की नजर निफ्टी के अगले पड़ाव पर है। बाजार जानकारों का मानना है कि निफ्टी अब 25600 के जोन की तरफ बढ़ सकता है।
आज का दिन शेयर बाजार के लिए काफी एक्शन से भरपूर रहने वाला है क्योंकि कई बड़ी कंपनियों के शेयर खबरों में रहने वाले हैं। आइए जानते हैं किन शेयरों में हलचल दिख सकती है और किन कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं।
इन कंपनियों के शेयरों पर रखें नज़र (Stocks in Focus)
- वेदांता (Vedanta): कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों को बेचने के लिए ‘ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन’ का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। अब कुल 4.75 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जिससे शेयर की कीमत पर असर दिख सकता है।
- अक्जो नोबेल (Akzo Nobel): पेंट बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी का नाम अब बदलकर ‘JSW डुलक्स’ होने जा रहा है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद आज इस शेयर में हलचल बढ़ सकती है।
- लार्सन एंड टुब्रो (L&T): इंजीनियरिंग दिग्गज के शेयरों में आज दबाव दिख सकता है क्योंकि कंपनी के मुनाफे में दिसंबर तिमाही के दौरान 4.3% की गिरावट दर्ज की गई है।
- RVNL: रेल विकास निगम को नॉर्दर्न रेलवे से 1,201 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। इसके तहत बनारस में काशी स्टेशन के पास एक नया रेल-कम-रोड पुल बनाया जाना है।
बड़े बदलाव और नए लॉन्च
बैंकिंग सेक्टर की बात करें तो यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने धीरेंद्र जैन को अपना नया CFO नियुक्त किया है। वहीं, शराब बनाने वाली कंपनी यूनाइटेड ब्रीवरीस ने कर्नाटक में अपनी नई बीयर ‘Kingfisher Smooth’ लॉन्च की है, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में उनकी पकड़ मजबूत होने की उम्मीद है।
आज आने वाले हैं इन दिग्गजों के नतीजे
आज का दिन नतीजों के लिहाज से बहुत भारी है। साल 2025-26 की तीसरी तिमाही (दिसंबर तिमाही) के लिए आज कई बड़ी कंपनियां अपने कार्ड्स खोलेंगी:
- दिग्गज कंपनियां: ITC, टाटा मोटर्स, स्विगी, पेटीएम, केनरा बैंक, कोलगेट और अडानी पावर।
- अन्य प्रमुख नाम: डाबर इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी, वोल्टास और वेदांता।
इन नतीजों का सीधा असर न केवल इन कंपनियों के शेयरों पर, बल्कि पूरे मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ेगा।
बाजार में रिकवरी के संकेत तो हैं, लेकिन निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे तिमाही नतीजों और वैश्विक संकेतों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लें।

