द लोकतंत्र : सर्दियों के मौसम में बाजार में आसानी से मिलने वाला आंवला (भारतीय करौदा) सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक शक्तिशाली दवा के रूप में माना गया है। आंवला को विटामिन सी का सबसे उत्कृष्ट स्रोत माना जाता है, जो इसे इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को संक्रमण से बचाने के लिए अद्वितीय बनाता है। यही कारण है कि आंवला आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन ‘त्रिफला’ (तीन फलों का मिश्रण) का एक अभिन्न अंग है। हालांकि, जूस, कैंडी और मुरब्बा के रूप में इसके सेवन के बढ़ते चलन के बीच, यह जानना आवश्यक है कि इसके सेवन का सर्वाधिक लाभदायक तरीका क्या है।
चबाना क्यों है जूस से बेहतर?
जयपुर की नैचुरोपैथी और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉक्टर किरण गुप्ता के अनुसार, आंवला का रस पीने के बजाय उसे कच्चा चबाकर खाना अधिक लाभकारी होता है।
- पाचन में सुधार: जब हम आंवला को चबाकर खाते हैं, तो मुंह की लार उसमें मिल जाती है। लार में मौजूद एंजाइम पाचन प्रक्रिया को शुरू करते हैं और पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाते हैं। जूस पीने से यह प्रक्रिया बाईपास हो जाती है।
- मुख स्वास्थ्य: कच्चा आंवला चबाने से दांतों, मसूड़ों और जबड़ों की एक्सरसाइज होती है, जिससे मुख स्वास्थ्य में सुधार होता है और चेहरे की मांसपेशियाँ भी सक्रिय होती हैं।
आंवला में पोषक तत्व और स्वास्थ्य लाभ
वेब एमडी और नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन जैसी संस्थाओं के अनुसार, आंवला पोषक तत्वों का एक समृद्ध भंडार है।
- पोषक तत्व: आंवला में विटामिन सी की उच्च मात्रा के अलावा विटामिन ई, विटामिन ए, आयरन और कैल्शियम पाया जाता है। यह प्रोटीन और फाइबर का भी अच्छा स्रोत है और इसमें कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं।
- त्वचा के लिए लाभ: विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कोलेजन उत्पादन में मदद करता है और कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है, जिससे त्वचा नेचुरली यंग बनी रहती है।
- बालों और आँखों को फायदा: आंवला का सेवन और उपयोग दोनों ही बालों की ग्रोथ बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ बनाने में मददगार है। विटामिन ए की उपस्थिति के कारण यह आंखों के लिए भी फायदेमंद है और आंखों की कोशिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार करके उम्र संबंधी समस्याओं से बचाता है।
निष्कर्ष के तौर पर, आंवला को उसकी प्राकृतिक अवस्था में चबाकर खाना इसके पोषक तत्वों और औषधीय गुणों का अधिकतम लाभ लेने का सबसे उत्कृष्ट तरीका है।

