द लोकतंत्र : भारतीय रसोई में खाना पकाना केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक बारीक कला है, जहाँ नमक, मसाले और उबाल का सटीक अनुपात ही स्वाद का निर्धारण करता है। अक्सर गृहिणियों को आलू के फटने, अंडों के चिटकने या पास्ता के चिपकने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो न केवल समय नष्ट करती हैं बल्कि भोजन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करती हैं। भारत की पहली मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने इन दैनिक किचन चुनौतियों के लिए कुछ वैज्ञानिक और व्यवहारिक समाधान साझा किए हैं, जो आपके भोजन बनाने के अनुभव को पूरी तरह बदल सकते हैं।
आलू और अंडे: ठंडे पानी का महत्व
शेफ पंकज के अनुसार, कंद वाली सब्जियों और अंडों को उबालने के लिए पानी के प्रारंभिक तापमान की भूमिका अहम होती है।
- आलू उबालने की तकनीक: यदि आलू को सीधे गर्म पानी में डाला जाता है, तो वे बाहर से अति-पक्व (Overcooked) होकर फटने लगते हैं लेकिन अंदर से कच्चे रह जाते हैं। इष्टतम परिणाम के लिए इन्हें हमेशा सामान्य या ठंडे पानी के साथ चूल्हे पर रखना चाहिए।
- अंडों की सुरक्षा: अंडे के छिलके तापमान में अचानक बदलाव के प्रति संवेदनशील होते हैं। इन्हें ठंडे पानी में भिगोकर धीरे-धीरे गर्म करने से तापमान का संतुलन बना रहता है, जिससे छिलका चिटकता नहीं है और जर्दी (Yolk) सुरक्षित रहती है।
पास्ता और नूडल्स: खोलते पानी की अनिवार्यता
आलू के विपरीत, अनाज और मैदा आधारित उत्पादों जैसे पास्ता या नूडल्स के लिए उबलता हुआ पानी ही एकमात्र विकल्प है।
- शेफ पंकज बताती हैं कि ठंडे पानी में पास्ता डालने से उसका स्टार्च (Starch) बाहर निकलकर उसे चिपचिपा बना देता है। उबलते पानी में नमक और तेल की कुछ बूंदें डालने से पास्ता की सतह चिकनी रहती है और वह एक-दूसरे से चिपकता नहीं है। यह तकनीक पास्ता को ‘अल दांते’ (Al dante) यानी सही पकने की अवस्था तक पहुंचाती है।
ब्लांचिंग तकनीक: सब्जियों का रंग और पोषण
हरी सब्जियों को उबालते समय अक्सर उनका प्राकृतिक क्लोरोफिल (Chlorophyll) नष्ट हो जाता है। इसे रोकने के लिए शेफ दो महत्वपूर्ण कदम बताती हैं:
- हॉट इंसर्शन: सब्जियों को तभी पानी में डालें जब वह पूरी तरह खोल रहा हो।
- आइस बाथ: उबलने के तुरंत बाद सब्जियों को बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें। यह प्रक्रिया ‘कुकिंग प्रोसेस’ को तत्काल रोक देती है, जिससे सब्जियों का रंग चमकदार बना रहता है और विटामिन भी सुरक्षित रहते हैं।
निष्कर्षतः, शेफ पंकज भदौरिया के ये टिप्स सिद्ध करते हैं कि कुकिंग में ‘कॉमन सेंस’ के साथ थोड़ा विज्ञान मिलाने से काम आसान हो जाता है। पानी के तापमान का सही ज्ञान न केवल भोजन की दिखावट बल्कि उसके पोषक मूल्यों को भी बनाए रखता है। भविष्य में स्मार्ट किचन की ओर बढ़ते हुए ऐसे पारंपरिक किंतु तार्किक हैक्स अत्यंत प्रासंगिक रहेंगे।

