द लोकतंत्र : पूरे देश में कल यानी 20 अक्टूबर 2025 को प्रकाश पर्व दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। इस मौके पर चारों ओर रंग-बिरंगी रोशनी, दीयों की जगमगाहट और आतिशबाजी का माहौल देखने को मिलता है। हालांकि, दिवाली के समय में आसमान को रोशन करने वाले पटाखों का एक दूसरा और गंभीर पहलू भी है। दरअसल, पटाखों से निकलने वाली तेज आवाज (High Decibel Sound) स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, खासकर यह उन लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है, जिन्हें दिल की बीमारी (Heart Disease) है।
NIH (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ) सहित कई रिसर्च और अध्ययन बताते हैं कि हाई डेसिबल ध्वनि के लगातार संपर्क में रहने से हार्ट संबंधी समस्याओं जैसे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि दिवाली के पटाखों की तेज आवाज से हार्ट अटैक का खतरा कैसे बढ़ जाता है और ऐसे समय में आप अपने दिल की सेहत का कैसे ध्यान रख सकते हैं।
पटाखे की आवाज से कैसे होता है हार्ट अटैक का खतरा?
पटाखों की आवाज अक्सर 130 से 143 डेसीबल (Decibel) तक पहुंच जाती है, जो कि सामान्य सुनने की सीमा (लगभग 85 डेसीबल) से काफी ज्यादा है। जब आपका शरीर इतनी तेज और अप्रत्याशित आवाज के संपर्क में आता है, तो यह तुरंत ‘फाइट और फ्लाइट’ (Fight or Flight) मोड में चला जाता है, जिसे स्ट्रेस रिस्पांस कहा जाता है।
स्ट्रेस रिस्पांस के तहत शरीर में निम्न बदलाव आते हैं:
- ब्लड प्रेशर में वृद्धि: स्ट्रेस हॉर्मोन (जैसे एड्रेनालाईन) रिलीज होते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है।
- हार्ट रेट तेज होना: दिल की धड़कन (Heart Rate) अचानक तेज हो जाती है, जिससे हार्ट पर ज्यादा दबाव पड़ने लगता है।
- हृदय पर अतिरिक्त भार: लंबे समय तक या बार-बार ऐसे हालात का सामना करने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक आने की आशंका बढ़ जाती है।
किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा?
पटाखों की तेज आवाज से होने वाला खतरा सभी के लिए है, लेकिन कुछ विशेष समूह के लोगों को इसका सबसे ज्यादा खतरा होता है:
- पहले से हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति: पहले से ही हार्ट की समस्याओं (जैसे एंजाइना, बाईपास सर्जरी) से जूझ रहे मरीजों को पटाखों की तेज आवाज से सबसे ज्यादा खतरा होता है, क्योंकि उनका दिल अतिरिक्त दबाव झेलने में सक्षम नहीं होता।
- हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग: पटाखे की तेज आवाज से हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ सकता है, जो हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
- बुजुर्गों को खतरा: उम्र बढ़ने के कारण हार्ट ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में पटाखों की तेज आवाज से बुजुर्गों में भी हार्ट अटैक का खतरा अधिक रहता है।
- प्रेग्नेंट महिलाएं: पटाखे की तेज आवाज से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट प्रभावित होती है, जिसका सीधा असर प्रेग्नेंट महिलाओं के स्वास्थ्य और गर्भस्थ शिशु पर पड़ सकता है।
इस दिवाली हार्ट को सुरक्षित रखने के 5 उपाय
हार्ट अटैक जैसे गंभीर खतरों से बचने के लिए इस दिवाली खासकर हार्ट से जुड़ी समस्या वाले लोगों को निम्नलिखित सेफ्टी टिप्स अपनाने चाहिए:
नियमित निगरानी: दिवाली के मौके पर नियमित रूप से ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट मॉनिटर करें। किसी भी असहजता की स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें।
घर के अंदर रहें: हार्ट की समस्या वाले लोग पटाखे और तेज आवाज वाले इलाकों से दूर, घर के अंदर ही रहें।
खिड़की और दरवाजे बंद रखें: बाहरी आवाज को अंदर आने से रोकने के लिए खिड़की और दरवाजे अच्छी तरह बंद रखें। साउंडप्रूफिंग (Soundproofing) पर्दे लगाना भी मदद कर सकता है।
ईयरप्लग का इस्तेमाल: अगर किसी कारणवश आपको बाहर निकलना जरूरी हो तो कानों की सुरक्षा के लिए ईयरप्लग (Earplugs) का इस्तेमाल करें।
रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं: पटाखों की आवाज से दिक्कत या घबराहट महसूस होने पर ध्यान (Meditation) और गहरी सांस लेने जैसी रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएं।

