द लोकतंत्र/ अयोध्या : अयोध्या की पावन भूमि एक बार फिर मानवता, करुणा और सेवा भाव की साक्षी बनी, जब देश के प्रख्यात समाजसेवी संत पीपाद्वाराचार्य परम पूज्य श्री बलराम दास जी महाराज (वृंदावन) की प्रेरणा से आयोजित एक माह का निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर अपने उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूर्ण कर समापन तक पहुँचा। ‘ज्योति महायज्ञ’ नाम से संचालित इस विराट सेवा अभियान का आयोजन करुणा निधान सेवा ट्रस्ट, कोलकाता के सहयोग से श्री दीनबंधु नेत्र चिकित्सालय, अयोध्या में किया गया, जो अब सेवा के एक प्रेरक मॉडल के रूप में सामने आया है।
28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक चला निःशुल्क नेत्र सेवा शिविर
यह निःशुल्क नेत्र सेवा शिविर 28 दिसंबर 2025 से 25 जनवरी 2026 तक चला, जिसमें ग्रामीण, पिछड़े और वंचित अंचलों से आए लगभग 6100 नेत्र रोगियों की जांच की गई। इनमें से 2189 जरूरतमंद मरीजों का निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि मरीजों को केवल इलाज ही नहीं, बल्कि निःशुल्क चश्मे, दवाइयाँ, भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गईं, जिससे यह अभियान केवल चिकित्सा नहीं बल्कि संपूर्ण मानवीय सेवा का उदाहरण बन गया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूज्य बाबा बलराम दास जी महाराज ने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि जब समाज के अंतिम व्यक्ति की पीड़ा दूर होती है, तभी राष्ट्र वास्तव में मजबूत बनता है। बाबा जी ने कल्याणम करोति जैसी संस्थाओं को समाज के लिए आशा की किरण बताते हुए कहा कि ये संस्थाएँ अंधकार में डूबे जीवनों को प्रकाश की ओर ले जाने का कार्य कर रही हैं।
सेवा ही सबसे बड़ी साधना – महंत श्री कमल नयन दास शास्त्री
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे परम पूज्य महंत श्री कमल नयन दास शास्त्री जी ने कहा कि सेवा ही सबसे बड़ी साधना है और कल्याणम करोति संस्था इस साधना को निष्ठा और समर्पण के साथ जन-जन तक पहुँचा रही है। वहीं पूज्य महाराज रामायणी जी ने इसे हनुमत कृपा का प्रत्यक्ष प्रमाण बताते हुए कहा कि इस तरह के शिविर असंभव को भी संभव बना देते हैं।
दिल्ली से पधारे फलहारी बाबा ने शिविर की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने योग्य मॉडल बताया। जानकी सरण महाराज ने कहा कि नेत्र ज्योति का दान किसी व्यक्ति के जीवन में नया सवेरा लेकर आता है। कार्यक्रम में संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी श्री उमा दत्त मिश्रा जी ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि चिकित्सालय के प्रबंधक श्री डी.एन. मिश्रा जी ने शिविर की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। संस्था के महामंत्री श्री राष्ट्र गौरव शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने शिविर को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
समापन अवसर पर सभी लाभार्थी रोगियों को मिष्ठान, भोजन, कंबल, वॉकिंग स्टिक और रामधुन यंत्र भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया। अंत में महामंत्री श्री राष्ट्र गौरव शर्मा ने संतजनों, चिकित्सकों, दानदाताओं और सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा यात्रा आगे भी अनवरत जारी रहेगी। यह नेत्र सेवा शिविर न केवल अयोध्या बल्कि पूरे देश के लिए सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया है।

