द लोकतंत्र/पश्चिम चंपारण: बिहार के पश्चिम चंपारण में Flood की गंभीर स्थिति के बीच लौरिया से भाजपा विधायक विनय बिहारी ने बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को वह बेतिया समाहरणालय परिसर में गमछा बिछाकर धरने पर बैठ गए। विधायक ने आरोप लगाया कि कई बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों तक पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है। उन्होंने पॉलिथीन शीट, राशन, पीने का पानी और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की मांग की।
‘जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे, धरने से नहीं उठूंगा’
विनय बिहारी ने मांग की कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद पश्चिम चंपारण के Flood प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करें और जमीनी स्थिति का जायजा लें। धरने के दौरान उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के आने तक धरने पर बैठे रहेंगे। विधायक ने शायरी के अंदाज में कहा, “दुख है, दर्द है, मैं आह भर रहा हूं, अपने राजा के आने का इंतजार कर रहा हूं।” इसके बाद उन्होंने कहा, “ऊपर श्रीहरि, नीचे सम्राट चौधरी।” उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को तत्काल दूर करने की मांग की।
चार घंटे इंतजार के बाद समाहरणालय में धरना
विनय बिहारी के मुताबिक, वह Flood राहत के मुद्दे पर जिलाधिकारी समेत अधिकारियों से मिलने के लिए समाहरणालय पहुंचे थे। उन्होंने करीब चार घंटे तक इंतजार किया। इसके बाद उन्होंने समाहरणालय परिसर में ही गमछा बिछाकर धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने उनसे बातचीत कर स्थिति समझाने की कोशिश की। विधायक का कहना था कि बाढ़ की स्थिति के अनुरूप राहत व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंची है, लेकिन कई प्रभावित इलाकों में अभी भी लोगों को जरूरी सामान का इंतजार है।
पॉलिथीन, राशन और दवाओं की मांग
विनय बिहारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पॉलिथीन शीट, राशन, पीने का पानी और दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता की मांग की। उनका कहना है कि Flood के कारण कई परिवारों के घरों में पानी घुस गया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अधिकारियों के सामने कई बार राहत सामग्री पहुंचाने की मांग रखी, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
गंडक के बढ़े जलस्तर से पश्चिम चंपारण में Flood
पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से कई इलाकों में Flood की स्थिति बनी हुई है। वाल्मीकिनगर बैराज पर 5,43,500 क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया था। इसके बाद पश्चिम चंपारण समेत आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा। रिपोर्टों के मुताबिक, पिपरासी, मधुबनी, ठकराहा, भितहा, योगापट्टी, बैरिया, नौतन और बगहा के कई इलाकों में बाढ़ का असर देखा गया। प्रशासन की ओर से राहत शिविर और बचाव अभियान भी चलाए गए हैं।
भवानीपुर तटबंध पर Flood का खतरा
विनय बिहारी ने भवानीपुर तटबंध की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विधायक ने मुख्यमंत्री से हेलीकॉप्टर के जरिए Flood प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण करने की मांग की।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुआ धरना
धरने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने विधायक से बातचीत की। बाद में कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन भी विनय बिहारी के समर्थन में धरनास्थल पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत और आश्वासन मिलने के बाद विनय बिहारी ने अपना धरना समाप्त कर दिया। विनय बिहारी के धरने के बाद पश्चिम चंपारण में Flood राहत व्यवस्था का मुद्दा चर्चा में आ गया है। विधायक ने प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने और मुख्यमंत्री से जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने की मांग उठाई थी
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