द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में खुफिया सूचना के आधार पर शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें दो सशस्त्र माओवादी मारे गए हैं। यह मुठभेड़ किस्टाराम थाना क्षेत्र अंतर्गत पामलूर के घने जंगलों में हुई, जहां लंबे समय से नक्सलियों की सक्रियता की सूचना मिल रही थी।
सुबह 5 बजे से शुरू हुई मुठभेड़, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों ने बुधवार तड़के करीब 5 बजे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान जंगल में छिपे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। रुक-रुक कर चल रही इस गोलीबारी के दौरान दो नक्सलियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से एके-47, इंसास और अन्य ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं, जो माओवादियों की घातक तैयारी की ओर इशारा करते हैं।
कोंटा एरिया कमेटी का सचिव सचिन मंगडू ढेर
मारे गए नक्सलियों में एक की पहचान कोंटा एरिया कमेटी के सचिव सचिन मंगडू के रूप में हुई है, जो संगठन में अहम भूमिका निभाता था। दूसरे माओवादी की पहचान की प्रक्रिया जारी है। इस ऑपरेशन की लगातार मॉनिटरिंग किरण चव्हाण (एसपी, सुकमा) द्वारा की जा रही है, ताकि जवानों की सुरक्षा और अभियान की सफलता सुनिश्चित की जा सके।
आईजी बस्तर का बयान: अब तक 14 नक्सलियों के शव बरामद
बस्तर रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने बताया कि मौजूदा तलाशी अभियान के दौरान अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में अब तक बस्तर रेंज में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 14 नक्सलियों के शव मिले हैं, जिनमें बीजापुर जिले से 2 और सुकमा जिले से 12 नक्सली शामिल हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन अभी जारी है, इसलिए सुरक्षा कारणों से सटीक लोकेशन और बलों की संख्या साझा नहीं की जा सकती।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ों में कुल 285 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 257 नक्सली बस्तर संभाग के सात जिलों (बीजापुर, सुकमा सहित) में ढेर किए गए, जबकि 27 नक्सली रायपुर संभाग के गरियाबंद जिले में मारे गए। इससे पहले 20 दिसंबर को सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया था।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार दबाव बनाए रखा जाएगा और अभियान के पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार और सुरक्षा बलों की सख्त रणनीति का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।

