द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक और विकासात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य की सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, स्टार्टअप और नवाचार को लेकर कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए। खास तौर पर नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पायलट प्रशिक्षण की शुरुआत और डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसे निर्णयों को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
नशे के खिलाफ सख्त कदम, बनेगी एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स
मंत्रिपरिषद ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 100 नए पदों की स्वीकृति दी गई है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, महासमुंद, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा जैसे जिलों में यह टास्क फोर्स सक्रिय होगी, जिससे ड्रग्स तस्करी और नशे के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद है।
SOG का गठन, आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी
राज्य सरकार ने पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा के अंतर्गत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गठन के लिए 44 नए पदों को मंजूरी दी है। यह विशेष रूप से प्रशिक्षित टीम किसी भी बड़ी या अचानक घटना, आतंकी खतरे या गंभीर सुरक्षा चुनौती की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी। इससे राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ में शुरू होगा पायलट प्रशिक्षण
मंत्रिपरिषद ने राज्य के एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर फ्लाइट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) स्थापित करने का फैसला भी लिया है। निजी भागीदारी से शुरू होने वाला यह संस्थान युवाओं को पायलट प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा और विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को पूरा करेगा। साथ ही एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाओं के विकास का रास्ता भी खुलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा
बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य राज्य में मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना, इन्क्यूबेटर्स को बढ़ावा देना और निवेश आकर्षित करना है। सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख नवाचार केंद्रों में शामिल करना है।
35 कॉलोनियां नगर निकायों को सौंपने का फैसला
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगरपालिकाओं को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से मिल सकेंगी और उन्हें दोहरे रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।
नवा रायपुर में बनेगा बहुमंजिला सरकारी भवन
नवा रायपुर अटल नगर में सरकारी विभागों और निगम-मंडलों के कार्यालयों के लिए एक बड़ा बहुमंजिला भवन बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य भूमि का बेहतर उपयोग करना और विभिन्न विभागों को एक ही परिसर में सुविधाजनक ढंग से स्थान उपलब्ध कराना है।
सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास को गति
सरकार ने सिरपुर और अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत योजनाबद्ध विकास को तेज करने के लिए शासकीय भूमि आवंटन का अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को देने का निर्णय लिया है। वित्तीय स्थिति को देखते हुए भूमि मात्र एक रुपये प्रीमियम और भू-भाटक पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
‘क्लाउड फर्स्ट नीति’ से मजबूत होगा डिजिटल ढांचा
मंत्रिपरिषद ने “छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति” लागू करने की स्वीकृति दी है। इसके तहत राज्य के सभी विभाग केवल भारत सरकार द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या देश में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर से ही सेवाएं लेंगे। कम प्राथमिकता वाले डेटा का क्लाउड माइग्रेशन 2027-28 तक और उच्च प्राथमिकता सेवाओं का 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे साइबर सुरक्षा, लागत में कमी और 24×7 नागरिक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
मोबाइल टावर योजना से बढ़ेगी डिजिटल कनेक्टिविटी
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना को भी मंजूरी मिली है। खासकर भौगोलिक रूप से कठिन और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी। इससे ई-गवर्नेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और डायल 112 जैसी सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
छत्तीसगढ़ कैबिनेट के ये फैसले सुरक्षा, डिजिटल विकास, रोजगार और शहरी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम माने जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

