द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित ‘प्रगति (PRAGATI) प्लेटफॉर्म’ बड़ा परिवर्तनकारी साधन बन रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के नए अध्याय लिखे हैं, और वर्षों से अटकी प्रमुख परियोजनाएं अब तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बना है, जिससे योजनाओं की मॉनिटरिंग, समीक्षा और समाधान पूर्व की अपेक्षा अधिक प्रभावी रूप से हो पा रहा है। यह प्रणाली जवाबदेही और समयबद्ध कार्य संस्कृति की मिसाल पेश कर रही है और इसी के कारण वर्षों से रुकी परियोजनाएं पूर्णता की ओर हैं।
भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण से बढ़ी उत्पादन क्षमता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रगति प्लेटफॉर्म का लाभ सबसे स्पष्ट रूप से भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण में दिखाई देता है। वर्ष 2007 में स्वीकृत इस परियोजना को लंबे समय तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली, लेकिन प्रगति बैठकों की नियमित समीक्षा, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और बाधाओं को तुरंत दूर करने की नीति के कारण अब यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ी है।
आधुनिकीकरण के बाद संयंत्र की उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे न केवल रेल उत्पादन को गति मिली बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोजगार अवसर भी बढ़े। इसके साथ ही सहायक उद्योगों का विस्तार हुआ और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। मुख्यमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना से 6 राज्यों को बिजली आपूर्ति
इसी तरह रायगढ़ स्थित एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) को भी प्रगति प्लेटफॉर्म ने नई रफ्तार दी। वर्ष 2009 में स्वीकृत इस परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आई और आज यह छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निरंतर बिजली आपूर्ति कर रही है। इससे राज्य की ऊर्जा क्षमता बढ़ी है, औद्योगिक व कृषि उत्पादन में सुधार आया है और छत्तीसगढ़ ‘पावर हब ऑफ इंडिया’ के रूप में और अधिक सशक्त हुआ है। यह परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में से एक बन चुकी है।
50वीं प्रगति बैठक बनी विकास की गति का टर्निंग पॉइंट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति की 50वीं बैठक को मुख्यमंत्री ने देश और राज्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं में तेजी आई है। इससे देशभर में रेल, सड़क, ऊर्जा, कोयला, अवसंरचना और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े कार्यों में गति मिली है। प्रधानमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि प्रगति ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र-राज्य मिलकर तेजी से विकास कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आशा जताई कि प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित होने से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में मजबूत भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह न केवल विकास की रफ्तार बढ़ा रहा है, बल्कि शासन में समाधान-उन्मुख मॉडल को भी स्थापित कर रहा है। आगे उन्होंने बताया कि राज्य की औद्योगिक क्षमता, ऊर्जा उत्पादन, रोजगार सृजन और निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है, जो छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई दिशा देने वाला है।

