द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार को सूरजपुर जिले में आयोजित कर्मा महोत्सव में शामिल हुए और इस अवसर को विकास, लोकसंस्कृति और जनकल्याण के साझा मंच में बदल दिया। मुख्यमंत्री ने जिले को 172.51 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिससे बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और नगरीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने चुनगुड़ी के स्कूल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की, वहीं नगर पंचायत भटगांव के समग्र विकास के लिए एक करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की।
कर्मा नृत्य में कलाकारों ने लिया हिस्सा
करमा महोत्सव का वातावरण परंपरा, संस्कृति और उल्लास से सराबोर रहा। मांदर की थाप और घुंघरुओं की झंकार के बीच पूरा परिसर करमा नृत्य की लय में डूबा दिखा। सूरजपुर के साथ-साथ सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया और मनेंद्रगढ़ से आए 33 कर्मा दलों के लोक कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। लोकनृत्य की इस जीवंत झलक ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर सजीव कर दिया और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
साइन ने SHG स्टॉल का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने महोत्सव स्थल पर लगे विभिन्न विभागीय और महिला स्व-सहायता समूहों के स्टॉलों का निरीक्षण भी किया। इस दौरान नाव-जाल एवं आइस बॉक्स वितरण, आयुष्मान कार्ड से जुड़ी सेवाएँ, छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत ऋण वितरण तथा महिला समूहों द्वारा संचालित छह रेडी-टू-ईट इकाइयों का शुभारंभ किया गया।
पोषण वितरण कार्य से जुड़ी महिलाओं को शॉल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुद्रा लोन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा क्लेम और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को ‘खुशियों की चाबी’ प्रदान की गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी के निवास पर पहुंचे सीएम साय
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी कालीचरण के निवास पर पहुंचे। उन्होंने न केवल पक्के आवास का निरीक्षण किया, बल्कि परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री के आगमन से हितग्राही परिवार भावुक दिखा। बातचीत के दौरान कालीचरण ने कच्चे मकान में रहने के समय आने वाली कठिनाइयों बरसात और मौसम की मार, सुरक्षा की चिंता और सामाजिक असहजता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पक्का आवास मिलने से जीवन में सुरक्षा, आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा का अनुभव बढ़ा है।
मुख्यमंत्री ने परिवार की दिनचर्या, आवश्यकताओं और आवास मिलने के बाद आए सकारात्मक बदलावों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है। कर्मा महोत्सव के मंच से विकास परियोजनाओं की घोषणाएँ और जमीनी स्तर पर लाभार्थियों से संवाद—दोनों ने मिलकर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

