द लोकतंत्र/ रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम करेली बड़ी में आयोजित प्रदेश स्तरीय महतारी सदन लोकार्पण समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने मंच से ही राज्य के विभिन्न जिलों में नव-निर्मित 51 महतारी सदनों का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसके साथ ही ग्राम संपदा एप और मनरेगा की समग्र जानकारी पर आधारित नागरिक सूचना पोर्टल को भी लॉन्च किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ‘लखपति दीदी/महतारी सदन’ तथा ‘माँ अभियान’ पुस्तिका का विमोचन भी किया।
महिलाओं से संवाद और आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने जशपुर (रेंगले), बेमेतरा (लिंझेवारा), मुंगेली (नवागांव) और दुर्ग (नगपुरा) की महिला समूहों से वर्चुअल संवाद कर उन्हें महतारी सदन और नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 19 महीने के कार्यकाल में सरकार मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने मातृशक्ति को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि अब महिलाएँ सिलाई-कढ़ाई, सब्ज़ी उत्पादन और स्वरोजगार प्रशिक्षण जैसे कार्य महतारी सदनों में कर सकेंगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताई सरकार की योजनाएँ
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने महतारी सदन के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार लगातार महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को सीधे आर्थिक सशक्तिकरण मिला है और अटल डिजिटल सेवा केंद्र के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग और अन्य सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
धमतरी जिले को 83 करोड़ की सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने धमतरी जिले को 83 करोड़ रुपये से अधिक की विकास सौगात दी। उन्होंने ग्राम करेली बड़ी में महाविद्यालय की स्थापना और कुरूद के जी. जामगांव में नवीन आईटीआई की स्वीकृति की घोषणा की। साथ ही ग्राम पंचायत करेली बड़ी और ग्राम खट्टी को मिलाकर नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा की। इसके अलावा 30 करोड़ की लागत से कुरूद एवं भखारा में शहरी जल प्रदाय योजना का विस्तार, 45 करोड़ की लागत से भेण्डरी से बरोंडा एनीकट निर्माण, कुरूद नगर पंचायत को नगरपालिका परिषद का दर्जा और कई अन्य विकास कार्यों की भी घोषणा की।
नक्सलवाद-मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और महतारी वंदन योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की संभावनाओं का उल्लेख किया। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मंशा के अनुरूप मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद-मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
बड़ी संख्या में महिलाओं की वर्चुअल सहभागिता
कार्यक्रम में प्रदेशभर की लगभग दो लाख महिलाएँ वर्चुअल रूप से शामिल हुईं। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक अजय चंद्राकर समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक भी वितरित किए।

