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कमर्शियल LPG सिलेंडर की कमी पर घिरी केंद्र सरकार, प्रियंका चतुर्वेदी ने पूछा – संकट क्यों आया?

Central government surrounded by shortage of commercial LPG cylinders, Priyanka Chaturvedi asked – why did the crisis arise?

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : देश में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पहले सरकार की ओर से पर्याप्त गैस भंडार होने की बात कही जा रही थी, तो फिर अचानक यह संकट कैसे पैदा हो गया। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि पहले विभिन्न सूत्रों के माध्यम से यह जानकारी दी जा रही थी कि देश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। लेकिन अब सरकार यह कह रही है कि कोई संकट नहीं है या स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। उनके अनुसार यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है और सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि आखिर यह स्थिति क्यों बनी।

उन्होंने आरोप लगाया कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति में बाधा के कारण कई क्षेत्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके मुताबिक होटल उद्योग से जुड़े संगठनों ने लिखित रूप में बताया है कि उन्हें एलपीजी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों में भी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनका आरोप था कि सरकार ने जनता को वास्तविक स्थिति से अवगत नहीं कराया और अब स्थिति को अलग तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि नीति निर्माण और योजना की बजाय केवल बयानबाजी पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

बेंगलुरु में गैस संकट की शिकायत, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग

इसी मुद्दे को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर बेंगलुरु में कमर्शियल एलपीजी की गंभीर कमी का मुद्दा उठाया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा कि हाल ही में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित आदेश के बाद घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि इस निर्णय के कारण अनजाने में कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता प्रभावित हो गई है। इसके चलते बेंगलुरु में कई होटल, रेस्तरां और कैटरिंग सेवाएं अस्थायी रूप से बंद होने की स्थिति में पहुंच सकती हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि स्थिति को जल्द सामान्य बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

दरअसल, वैश्विक ऊर्जा बाजार इस समय अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त सैन्य हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो गया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कई अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद इजराइल और अमेरिका ने भी तेहरान और लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज कर दी।

इस बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है, जिसके कारण कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत में भी सरकार और ऊर्जा कंपनियां घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

यह भी पढ़ें : West Asia संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस, जामनगर रिफाइनरी से LPG उत्पादन बढ़ाएगी रिलायंस इंडस्ट्रीज

Team The Loktantra

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