द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश के 57 हजार ग्राम प्रधानों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने में गांवों की सबसे बड़ी भूमिका है। अगर गांव आत्मनिर्भर होंगे तो प्रदेश और देश भी आत्मनिर्भर बनेंगे।
सीएम योगी ने बताया कि सात वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 35 लाख करोड़ रुपये हो चुकी है। वहीं प्रति व्यक्ति आय भी 43 हजार रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत-2047 की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। जब भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करना हम सभी का लक्ष्य है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश ने भी 2047 तक विकसित राज्य बनने का रोडमैप तैयार किया है।
विकसित यूपी-2047 का रोडमैप तैयार
सीएम योगी ने बताया कि विकसित यूपी-2047 का रोडमैप तीन प्रमुख थीम पर आधारित है। पहला है अर्थ शक्ति, जिसके अंतर्गत कृषि, उद्योग, निवेश और पर्यटन को नई गति दी जाएगी। दूसरा है सृजन शक्ति, जिसके तहत आधुनिक बुनियादी ढांचे और हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा। तीसरा है जीवन शक्ति, जिसका लक्ष्य एक स्वस्थ, शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण करना है। इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए 12 प्रमुख सेक्टर तय किए गए हैं।
ग्राम प्रधानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की प्रथम पंक्ति के प्रतिनिधि होने के नाते उनकी जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है। वे ही इस महाअभियान के सच्चे शिल्पकार और अग्रिम सेनानी हैं। सीएम ने उनसे अपील की कि वे अपनी पंचायत की बैठकों में विकसित उत्तर प्रदेश अभियान पर चर्चा करें। गांव-गांव, वार्ड-वार्ड और मोहल्लों में लोगों को जोड़ें और ‘समर्थ पोर्टल’ पर अधिक से अधिक सुझाव भेजें।
पत्र भेजकर विकसित यूपी बनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम प्रधानों को इस संबंध में एक पत्र भी भेजा गया है, जिसे पंचायत की खुली बैठक में पढ़ने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों लोगों की ऊर्जा इस अभियान से जुड़ेगी, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना एक विराट जन-आंदोलन बनकर सामने आएगा। संवाद के दौरान ग्राम प्रधानों को विकसित यूपी-2047 अभियान के बारे में जानकारी देने के लिए एक वीडियो फिल्म भी दिखाई गई। इसके साथ ही क्यूआर कोड और पोर्टल के जरिए सुझाव देने की प्रक्रिया समझाई गई।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश पिछड़ेपन और अव्यवस्था का शिकार था। किसानों को सिंचाई, तकनीक और विपणन की सुविधाएं सीमित थीं। बिजली, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। युवाओं के पास रोजगार के अवसर नहीं थे और भ्रष्टाचार तथा भाई-भतीजावाद ने सरकारी व्यवस्थाओं को जकड़ रखा था। लेकिन बीते आठ वर्षों में सुशासन, स्थिरता और बेहतर कानून-व्यवस्था की बदौलत प्रदेश की तस्वीर बदल चुकी है।

