द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : वेस्ट एशिया तनाव के बीच पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों पर इंडियन ऑयल, BPCL और HPCL ने सफाई दी। कंपनियों ने कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भारत में पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी को लेकर अफवाहें फैलने लगी हैं। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है। Indian Oil Corporation Limited ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई व वितरण प्रणाली सामान्य रूप से काम कर रही है।
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही खबरें निराधार हैं। भारतीय ऑयल ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। साथ ही केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लेने की सलाह दी गई। इंडियन ऑयल ने यह भी भरोसा दिलाया कि देशभर में ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए कंपनी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
BPCL और HPCL ने भी जारी किया स्पष्टीकरण
इसी तरह Bharat Petroleum Corporation Limited (BPCL) और Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) ने भी बयान जारी कर ईंधन संकट की अफवाहों को खारिज किया है। BPCL ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरें पूरी तरह निराधार हैं और देश में पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है और ईंधन की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है।
HPCL ने भी कहा कि कुछ इलाकों में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर भ्रामक संदेश फैलाए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में देशभर में ईंधन और एलपीजी की सप्लाई सामान्य है। कंपनी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाने की अपील की है।
पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत की ऊर्जा स्थिति सुरक्षित
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 40 प्रतिशत इस क्षेत्र से प्राप्त करता है, जिसका बड़ा हिस्सा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz से होकर गुजरता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार भारत फिलहाल कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी के मामले में सुरक्षित स्थिति में है। यदि किसी कारण से आपूर्ति प्रभावित होती है, तो भारत अन्य क्षेत्रों से तेल आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम करेगा। इसके अलावा भारत 2022 से रूस से भी कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे आपूर्ति स्रोतों में विविधता आई है। फरवरी 2026 में भारत के कुल आयात का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा रूस से आया।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार और तेल कंपनियां आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रही हैं, जिससे देश में ईंधन संकट की संभावना फिलहाल नहीं है।

