द लोकतंत्र/राष्ट्रीय न्यूज़: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में Kedarnath-Badrinath Highway को जोड़ने वाली करीब 900.30 मीटर लंबी Tunnel पर ट्रायल के आधार पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने 26 अक्टूबर को परियोजना का निरीक्षण किया। यह परियोजना केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-107) और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-07) के बीच सीधा संपर्क उपलब्ध कराएगी। इसके साथ अलकनंदा नदी पर करीब 200 मीटर लंबा मोटर पुल भी बनाया गया है। लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना चारधाम यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रुद्रप्रयाग बाजार से नहीं गुजरना पड़ेगा
इस नए मार्ग का सबसे बड़ा फायदा केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा। अभी बदरीनाथ हाईवे का एक हिस्सा रुद्रप्रयाग के मुख्य बाजार से होकर गुजरता है। सड़क संकरी होने के कारण चारधाम यात्रा के दौरान यहां वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है और कई बार लंबा जाम लग जाता है। नए मार्ग के नियमित रूप से शुरू होने के बाद यात्रियों को रुद्रप्रयाग बाजार से होकर गुजरने की जरूरत नहीं होगी। वाहन जवाड़ी बाईपास के रास्ते आगे जा सकेंगे, जिससे शहर में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने के कारण रुद्रप्रयाग शहर में यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है। नए मार्ग से वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलने से मुख्य बाजार और शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के आवागमन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
200 मीटर पुल और 900 मीटर Tunnel से बनेगा नया संपर्क
परियोजना में 900.30 मीटर लंबी सुरंग के अलावा अलकनंदा नदी पर 200 मीटर लंबा दो लेन का मोटर पुल भी शामिल है। पुल, सुरंग और संपर्क मार्ग को मिलाकर नए रास्ते की कुल लंबाई करीब 1.18 किलोमीटर है। यह मार्ग केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने के साथ रुद्रप्रयाग शहर के व्यस्त हिस्से को बायपास करने में मदद करेगा।
सुरंग और पुल के निर्माण से इस क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की कोशिश की गई है। पहाड़ी क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान भौगोलिक परिस्थितियां और यातायात सुरक्षा महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए नियमित यातायात शुरू करने से पहले ट्रायल के जरिए मार्ग की तकनीकी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है।
CM Pushkar Singh Dhami ने किया परियोजना का निरीक्षण
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने 26 अक्टूबर को रुद्रप्रयाग पहुंचकर पुल और सुरंग मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना की प्रगति और यातायात व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रायल के आधार पर इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो चुका है और जल्द ही इसका विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।
ट्रायल के दौरान नए पुल और सुरंग की सड़क, सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था की जांच की जा रही है। सभी जरूरी परीक्षण सफल रहने के बाद मार्ग पर नियमित यातायात शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निरीक्षण का उद्देश्य परियोजना की स्थिति और यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लेना भी था।
चारधाम यात्रियों को जाम से मिलेगी राहत
नए मार्ग के चालू होने से चारधाम यात्रा के दौरान रुद्रप्रयाग में वाहनों का दबाव घटने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ केदारनाथ और बदरीनाथ जाने वाले यात्रियों को भी जाम से राहत मिल सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रुद्रप्रयाग चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां से केदारनाथ और बदरीनाथ की ओर जाने वाले मार्ग अलग-अलग दिशाओं में आगे बढ़ते हैं। ऐसे में दोनों राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से यात्रा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही, रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित हिस्सों में ढलान सुरक्षा और स्थिरीकरण का काम भी किया जा रहा है, ताकि केदारनाथ यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके। नई Tunnel और पुल परियोजना के नियमित रूप से शुरू होने के बाद चारधाम यात्रा के साथ-साथ स्थानीय परिवहन व्यवस्था को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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