द लोकतंत्र/ मुंबई : मुंबई के Chhatrapati Shivaji Maharaj International Airport (Mumbai Airport) पर मंगलवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब दो यात्री विमानों के पंख आपस में टकरा गए। यह घटना उस समय हुई जब Air India का विमान टेक-ऑफ से पहले रनवे पर पुशबैक कर रहा था और उसी दौरान IndiGo का विमान लैंडिंग के बाद टैक्सी कर रहा था। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर के घायल होने की सूचना नहीं है।
कैसे हुआ एयर इंडिया–इंडिगो विमानों का टकराव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI 2732 (एयरबस A320, रजिस्ट्रेशन VT-TYF) मुंबई से कोयंबटूर के लिए उड़ान भरने से पहले पुशबैक की प्रक्रिया में थी। विमान को C1 से M4 टैक्सीवे की ओर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान इंडिगो का A320 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-IFV) हैदराबाद से मुंबई पहुंचने के बाद B1 टैक्सीवे से जुड़ रहा था।
इसी दौरान दोनों विमानों के दाहिने पंखों के सिरे आपस में टकरा गए। टकराव के बाद तुरंत एहतियातन दोनों विमानों को रोक दिया गया और सुरक्षा कारणों से उन्हें ग्राउंड कर दिया गया।
यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया
एयर इंडिया ने घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि दोनों विमानों के पंखों के सिरे आपस में छू गए, जिससे एयर इंडिया के विमान के पंख को नुकसान पहुंचा है। हालांकि सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से उतार लिया गया है। एयरलाइन ने यह भी बताया कि यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है।
वहीं इंडिगो ने भी बयान जारी कर पुष्टि की कि 3 फरवरी 2026 को हैदराबाद से मुंबई आई उनकी फ्लाइट 6E 791 टैक्सी के दौरान दूसरी एयरलाइन के विमान से संपर्क में आई। इंडिगो ने स्पष्ट किया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और विमान को पार्किंग पर ले जाने के बाद यात्रियों को उतार दिया गया।
DGCA ने संभाली जांच की कमान
घटना की जानकारी मिलते ही Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के मुंबई कार्यालय के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। DGCA ने इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि टैक्सीवे मूवमेंट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल निर्देशों या ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रियाओं में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
एयरपोर्ट ऑपरेशंस पर पड़ा असर
इस घटना के बाद कुछ समय के लिए मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेशंस भी प्रभावित हुए। सुरक्षा जांच और विमानों को हटाने की प्रक्रिया के दौरान कुछ उड़ानों में देरी दर्ज की गई। हालांकि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हालात को जल्द नियंत्रित कर लिया और बाद में उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया।
बड़ा हादसा टलने से राहत
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह घटना गंभीर हो सकती थी, लेकिन समय पर कार्रवाई और सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते बड़ा हादसा टल गया। अब सभी की नजर DGCA की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस टकराव की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, दोनों विमानों का तकनीकी निरीक्षण किया जा रहा है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन्हें सेवा में वापस लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

