द लोकतंत्र/ कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण को लेकर विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति महिलाओं की भागीदारी और उनके सम्मान से ही संभव है। मुख्यमंत्री ने बंगाल की ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए कहा कि यह वही धरती है जिसने प्रीतिलता वाद्देदार, मातंगिनी हाजरा, कल्पना दत्त, बीना दास, सुनिति चौधरी और मदर टेरेसा जैसी महान महिलाओं को जन्म दिया है।
ममता बनर्जी ने कहा कि उनके लिए केवल एक दिन ही महिला दिवस नहीं है, बल्कि हर दिन महिलाओं के सम्मान का दिन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस समाज में महिलाएं सुरक्षित और खुश नहीं होतीं, वह समाज कभी भी समृद्ध नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार लगातार महिलाओं के लिए नई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर युवाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि ‘युवसाथी’ योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने वाली थी, लेकिन महिला दिवस के अवसर पर इसे पहले ही शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि करीब 1 करोड़ लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे युवाओं को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
महिला सशक्तिकरण की योजनाओं का जिक्र, केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब 2 करोड़ 41 लाख महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। इस योजना के तहत आर्थिक सहायता की राशि भी बढ़ाई गई है। अनुसूचित जाति और आदिवासी परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1700 रुपये, जबकि अन्य महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है।
इसके अलावा स्वास्थ्य साथी योजना के तहत परिवार की महिला सदस्य के नाम पर स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाता है। इस योजना से लगभग 2 करोड़ 42 लाख महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। शिक्षा के क्षेत्र में कन्याश्री योजना का भी उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से करीब 1 करोड़ छात्राएं जुड़ी हुई हैं और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है।
ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए कई पहल की हैं। पंचायत व्यवस्था में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, वहीं महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला थानों और फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना भी की गई है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों की रसोई पर असर पड़ा है और इसी के विरोध में बंगाल की महिलाएं काली साड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन करेंगी। ममता बनर्जी ने कहा कि महिलाओं की प्रगति ही समाज की असली ताकत है और राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का अवसर मिले।

