द लोकतंत्र/ नई दिल्ली डेस्क : ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिका के भीतर ही विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। इस बीच एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है, जहां यूएस काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख जो केंट ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि वह इस युद्ध का समर्थन अपनी अंतरात्मा के खिलाफ जाकर नहीं कर सकते।
जो केंट का यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और वैश्विक स्तर पर भी इस संघर्ष के प्रभाव दिखाई दे रहे हैं। केंट ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने काफी विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है और उन्हें लगता है कि यह युद्ध अमेरिकी हितों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस संघर्ष के पीछे इजरायल का दबाव एक अहम कारण हो सकता है। उनके मुताबिक, यह जंग न तो जरूरी थी और न ही इससे अमेरिका के आम नागरिकों को कोई सीधा लाभ मिलने वाला है।
ट्रंप को पत्र, पहले भी हो चुका है विरोध
इस्तीफा देने के साथ ही जो केंट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र भी लिखा, जिसमें उन्होंने युद्ध को लेकर अपनी नाराजगी और चिंता जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि ईरान फिलहाल अमेरिका के लिए कोई तात्कालिक खतरा नहीं है, ऐसे में युद्ध का रास्ता चुनना उचित नहीं माना जा सकता।
केंट ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि यह संघर्ष अमेरिकी जनता के हितों के खिलाफ है और इससे देश की प्राथमिकताओं से ध्यान भटक रहा है। गौरतलब है कि जो केंट को पहले ट्रंप का करीबी और समर्थक माना जाता रहा है, ऐसे में उनका इस्तीफा और यह बयान राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
इससे पहले व्हाइट हाउस धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की सलाहकार समीरा मुंशी भी इसी मुद्दे पर इस्तीफा दे चुकी हैं। उन्होंने भी इस युद्ध को अवैध बताते हुए कहा था कि इसे बिना स्पष्ट संवैधानिक या संसदीय अनुमति के शुरू किया गया। मुंशी ने यह भी आरोप लगाया कि इस संघर्ष के चलते लोगों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इन घटनाओं से साफ संकेत मिलते हैं कि ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिका के भीतर मतभेद बढ़ रहे हैं और आने वाले समय में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति में और भी बड़ा रूप ले सकता है।

