द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार (15 फरवरी 2026) को कहा कि केंद्र सरकार देश की रक्षा क्षमताओं को सशक्त और आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए डिफेंस सेक्टर को उन्नत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। एक फरवरी को पेश केंद्रीय बजट 2026 में रक्षा बजट में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार रक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें अत्याधुनिक तकनीक तथा संसाधनों से लैस करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट को 6.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उनके अनुसार, यह बढ़ोतरी केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और आधुनिक उपकरणों के विकास की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
बजट 2026: राष्ट्रीय संकल्प और आत्मविश्वास का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बजट को महज एक लेखा-जोखा दस्तावेज के रूप में नहीं देखती, बल्कि इसे देश की विकास दिशा तय करने वाला रोडमैप मानती है। उन्होंने लाल किले से दिए अपने संदेश ‘यही समय है, सही समय है’ को याद करते हुए कहा कि आज यह भावना राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का रूप ले चुकी है।
पीएम मोदी के मुताबिक, भारत ने कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद विकास की रफ्तार बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि देश में नया आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है और राष्ट्रीय चरित्र ने चुनौतियों के बीच अपनी मजबूती साबित की है।
युवाओं की क्षमता और आर्थिक स्थिरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवा अंतरिक्ष, खेल, स्टार्टअप और नवाचार जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार कम महंगाई, व्यापक आर्थिक स्थिरता और निरंतर विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि युवाओं को अवसर मिल सकें।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने से रोजगार सृजन और तकनीकी कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा उत्पादन में घरेलू उद्योगों की भागीदारी बढ़ाकर भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और युवाओं के सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। रक्षा बजट में वृद्धि को इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा माना जा रहा है।

