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Delhi Riots Case: दिल्ली दंगे मामले में Sharjeel Imam और Umar Khalid की जमानत पर टली सुनवाई

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द लोकतंत्र : मायानगरी दिल्ली में साल 2020 में हुए दंगों के मामले में आरोपी शरजील इमाम, उमर खालिद, मीरान हैदर समेत कई लोग जेल में बंद हैं। इन आरोपियों की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन वी अंजिरिया की बेंच ने मामले की दलीलें सुनने के बाद जमानत याचिका पर सुनवाई 3 नवंबर 2025 तक के लिए टाल दी है।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए अपना हलफनामा दाखिल किया है।

सुप्रीम कोर्ट में किसने क्या कहा?

गुल्फीशा फातिमा के वकील की दलीलें (अभिषेक मनु सिंघवी)

गुल्फीशा फातिमा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में कई महत्वपूर्ण दलीलें रखीं:

  • जेल में बिताया समय: सिंघवी ने कहा कि गुल्फीशा फातिमा अप्रैल 2020 से, यानी 5 साल 5 महीने से जेल में बंद हैं।
  • पूरक चार्जशीट: उन्होंने चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “चार्जशीट 16 सितंबर 2020 को दायर की गई थी। अब वे हर साल एक पूरक चार्जशीट दायर करने के लिए एक वार्षिक अनुष्ठान करते हैं।” सिंघवी ने कहा कि बाद में यह तय किया जाना है कि क्या इस तरह के पूरक आरोपपत्रों द्वारा जांच जारी रखी जा सकती है।
  • समानता और महिला का मामला: सिंघवी ने तर्क दिया कि गुल्फिशा समानता के आधार पर जमानत की हकदार हैं। उन्होंने कहा कि “इस मामले पर विचार करने में भी बहुत देरी हो चुकी है। यह अगला मुद्दा है, वह एक महिला है, यह ध्यान दिया जाना चाहिए।”
  • आरोपों पर बहस: सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि अभी तक आरोपों पर बहस जारी है और आरोप तय नहीं हुए हैं।
  • गवाह: उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 तक 939 गवाह पेश किए गए हैं, इसलिए यहां गुण-दोष (Merits) मायने नहीं रखते हैं।

शरजील इमाम के वकील की दलील (सिद्धार्थ दवे)

शरजील इमाम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने जांच में देरी को मुद्दा बनाया।

  • उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष को जांच पूरी करने में 3 साल लग गए। उन्होंने तर्क दिया कि 5 में से 3 साल इसलिए निकल गए, क्योंकि उन्होंने कहा कि जांच जारी है, इसलिए मुकदमा आगे नहीं बढ़ सका।

उमर खालिद के वकील का दावा (कपिल सिब्बल)

उमर खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दंगों से उनके जुड़ाव को पूरी तरह खारिज करने का दावा किया।

  • सिब्बल ने कहा कि इस मामले में 751 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
  • उन्होंने दावा किया कि दिल्ली दंगा के समय उमर खालिद दिल्ली में मौजूद ही नहीं था।
  • सिब्बल ने सवाल उठाया, “अगर मैं वहां नहीं हूं, तो दंगों को इससे कैसे जोड़ा जा सकता है? 751 में से मुझे एक पक्ष बनाया गया।”

दिल्ली पुलिस का हलफनामा

जेल में बंद आरोपियों की जमानत के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपना हलफनामा दाखिल किया है।

  • सत्ता परिवर्तन की साजिश: पुलिस ने हलफनामे में कहा कि 2020 के दिल्ली दंगे कोई अचानक भड़की हिंसा नहीं थे, बल्कि केंद्र में सत्ता परिवर्तन करने की साजिश के तहत किए गए थे।
  • मकसद: इसका मकसद देश को कमजोर करना था और इस साजिश के तहत देशभर में हिंसा फैलाने की कोशिश हुई।

इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से दंगों के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा था कि नागरिकों द्वारा प्रदर्शनों या विरोध प्रदर्शनों की आड़ में षड्यंत्रकारी हिंसा की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

Team The Loktantra

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