Advertisement Carousel
Local News National

‘Red Zone’ में NCR के शहर: दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश में जहरीली हवा का संकट बरकरार, लोनी का AQI 381, स्वास्थ्य पर गंभीर असर

The loktnatra

द लोकतंत्र : उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सटे शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर बना हुआ है। पिछले एक महीने से नोएडा, गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, हापुड़ और मेरठ जैसे जनपदों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘रेड ज़ोन’ की श्रेणी में बना हुआ है, जिससे यहां के निवासियों को जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। इन शहरों की स्थिति अब ‘गैस चैंबर’ जैसी लगने लगी है, जिससे आने वाले दिनों में राहत की कोई उम्मीद नज़र नहीं आती।

गाजियाबाद का लोनी सबसे प्रदूषित

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के शुक्रवार 5 दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद का लोनी इलाका एक बार फिर प्रदेश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा।

  • AQI की स्थिति: लोनी में आज सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक 381 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। इसके अलावा, वसुंधरा में AQI 303 और इंदिरापुरम में 290 दर्ज हुआ।
  • नोएडा की चुनौती: नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर 380 तक बना हुआ है। नोएडा सेक्टर-125 में AQI 367, सेक्टर-116 में 346 और सेक्टर-62 में 286 रिकॉर्ड किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 में भी AQI 337 रहा।

अन्य शहरों का हाल और स्वास्थ्य पर असर

NCR से बाहर के शहरों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। हापुड़ में AQI 350, बागपत में 321, मेरठ के पल्लवपुरम में 287 और बुलंदशहर में 265 दर्ज किया गया।

  • स्वास्थ्य संकट: प्रदूषित हवा का सीधा असर यहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को आंखों में जलन, लगातार खांसी और सांस संबंधी समस्याएं हो रही हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक इस तरह की जहरीली हवा में रहना फेफड़ों और हृदय को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
  • यलो ज़ोन में राजधानी: राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल यहां का AQI ‘यलो ज़ोन’ में बना हुआ है, जो ‘मध्यम’ से ‘खराब’ श्रेणी की ओर बढ़ने का संकेत है।

प्रशासनिक स्तर पर निर्माण गतिविधियों पर रोक और वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि NCR के निवासियों को इस जानलेवा वायु संकट से बाहर निकाला जा सके।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं