Advertisement Carousel
National

‘जो हमसे टकराएगा…’ बजरंग दल-VHP के बयान से दिल्ली का सियासी माहौल गरम

'Whoever clashes with us...' Bajrang Dal-VHP's statement heats up the political atmosphere in Delhi.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) परिसर में हाल ही में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ लगे आपत्तिजनक नारों के विरोध में बुधवार को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में VHP के दिल्ली प्रांत के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल विरोध नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रधर्म’ और वैचारिक स्पष्टता का प्रतीक है।

VHP दिल्ली प्रांत मंत्री के बयान से विवाद

हनुमान चालीसा पाठ से पहले VHP के दिल्ली प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने JNU में नारे लगाने वालों पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जो लोग ‘कब्र खोदने’ जैसी बातें करते हैं, उनका कड़ा विरोध किया जाएगा। गुप्ता के बयान में प्रयुक्त शब्दों और आक्रामक भाषा को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आलोचना की आशंका जताई जा रही है। उनके बयान को कुछ लोग भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भड़काऊ भाषा करार दे रहे हैं।

VHP अध्यक्ष का दावा: ‘अखंड भारत’ और वैचारिक संघर्ष

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए VHP दिल्ली प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना ने कहा कि JNU को इस आयोजन के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि देश में वैचारिक जागरण हो चुका है और हिंदू समाज अब संगठित होकर अपनी सांस्कृतिक पहचान के लिए खड़ा है। खन्ना ने ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि जैसे अतीत में सोमनाथ और राम मंदिर को लेकर संघर्ष हुआ, वैसे ही आगे भी सांस्कृतिक मुद्दों पर दृढ़ संकल्प के साथ कदम बढ़ाए जाएंगे। उनके बयान में ‘अखंड भारत’ और भविष्य में मथुरा में भव्य कृष्ण मंदिर के निर्माण जैसे विषयों का भी उल्लेख किया गया।

VHP का पक्ष: वैचारिक जवाब और राष्ट्रधर्म

VHP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह आयोजन केवल धार्मिक पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि उन प्रवृत्तियों के खिलाफ वैचारिक जवाब है, जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्र और संवैधानिक पदों का अपमान किया जाता है। संगठन का कहना है कि विरोध केवल शोर-शराबे से नहीं, बल्कि विचार, इतिहास और तथ्यों के साथ किया जाना चाहिए। VHP नेताओं के अनुसार, युवाओं को भ्रम नहीं, बल्कि दिशा देने की आवश्यकता है और यह कार्यक्रम उसी उद्देश्य से आयोजित किया गया।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया की संभावना

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट है कि JNU से जुड़ा विवाद केवल नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह धार्मिक, वैचारिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन चुका है। जहां एक ओर बजरंग दल और VHP इसे राष्ट्रसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके नेताओं के तीखे बयानों को लेकर आलोचना और कानूनी सवाल भी उठ सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं