द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath अपने आधिकारिक दौरे पर सिंगापुर पहुंच गए हैं। 22 से 24 फरवरी तक चलने वाले इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश और संस्थागत साझेदारी को नई दिशा देना है। यह यात्रा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलीकरण, कौशल विकास, स्थिरता, कनेक्टिविटी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
मुख्यमंत्री सिंगापुर के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे, जिनमें प्रधानमंत्री Lawrence Wong, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और अन्य वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम से भी उनकी भेंट प्रस्तावित है। इस दौरान डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, एविएशन, वित्तीय सेवाएं और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र के निवेशकों के साथ भी बैठकें होंगी। उत्तर प्रदेश सरकार विशेष रूप से जेवर स्थित Noida International Airport के आसपास डिजिटल और एआई-आधारित डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा कर रही है।
नोएडा एयरपोर्ट, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
सिंगापुर में आयोजित ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोडशो’ इस दौरे का प्रमुख आकर्षण होगा। इसमें डेटा सेंटर ऑपरेटर, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, रिन्यूएबल एनर्जी फर्म, प्राइवेट इक्विटी और सॉवरेन वेल्थ फंड शामिल होंगे। कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश को डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, एविएशन-लिंक्ड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्य सरकार कौशल विकास के क्षेत्र में भी सिंगापुर के तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रही है। आईटीई सिंगापुर जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने की दिशा में पहल होगी।
उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹30.25 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है और 2025-26 में इसके लगभग ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का सबसे बड़ा स्रोत है और वित्त वर्ष 2024-25 में उसने 14.94 अरब डॉलर का निवेश किया है। यह दौरा इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्तर की साझेदारियों को राज्य स्तर पर ठोस परियोजनाओं में बदलने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सरकार का लक्ष्य उच्चस्तरीय वार्ताओं को व्यावहारिक निवेश और परियोजनाओं में परिवर्तित करना है।

