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निकलोडियन स्टार टायलर चेज की बदहाली ने दुनिया को झकझोरा; Child Actor की इस हालत का जिम्मेदार कौन?

The loktnatra

द लोकतंत्र : मनोरंजन जगत की चकाचौंध अक्सर उन काली सच्चाइयों को छिपा लेती है, जो सफलता की चमक फीकी पड़ने के बाद सामने आती हैं। हाल ही में निकलोडियन के लोकप्रिय शो ‘नेड्स डिक्लासिफाइड स्कूल सर्वाइवल गाइड’ में ‘मार्टिन’ का किरदार निभाने वाले पूर्व चाइल्ड एक्टर टायलर चेज का एक विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कभी अपनी मासूम मुस्कान से दर्शकों का मन मोहने वाला यह सितारा आज कैलिफोर्निया की सड़कों पर अत्यंत दयनीय और बदहाल स्थिति में जीने को विवश है। यह घटना चाइल्ड आर्टिस्टों के मानसिक स्वास्थ्य और करियर के समापन के बाद उनके पुनर्वास पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

वायरल वीडियो का सच: एक पहचान की तलाश

सोशल मीडिया पर प्रसारित दृश्य किसी भी संवेदनशील हृदय को झकझोर सकते हैं। वीडियो में टायलर फटे हुए कपड़ों में नजर आ रहे हैं और शारीरिक रूप से बेहद कमजोर दिख रहे हैं। जब एक राहगीर महिला ने उनसे उनके अतीत के बारे में पूछा, तो उन्होंने हंसते हुए अपने मशहूर निकलोडियन शो का जिक्र किया। चेज का यह स्वीकारोक्ति भरा अंदाज दर्शाता है कि अपनी दुर्दशा के बावजूद उन्हें अपने स्वर्ण युग की यादें आज भी धुंधली ही सही, किंतु याद हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और बाइपोलर डिसऑर्डर की चुनौती

टायलर चेज के पतन के पीछे केवल पेशेवर विफलता नहीं, बल्कि गंभीर मानसिक व्याधियां भी उत्तरदायी प्रतीत होती हैं।

  • संघर्ष की शुरुआत: रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्ष 2015 में ही टायलर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि वे बाइपोलर डिसऑर्डर (BPD) से जूझ रहे हैं। एक पुराने वीडियो में उन्होंने अपने इवेंट्स में दर्शकों की अनुपस्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया था, जो उनकी मानसिक अस्थिरता का प्रारंभिक संकेत था।
  • गुमनामी का दौर: 2007 में अपने चर्चित शो के समापन के बाद टायलर को काम मिलना बंद हो गया। हॉलीवुड में चाइल्ड एक्टर्स के साथ यह एक आम त्रासदी है, जहाँ बचपन की प्रसिद्धि वयस्क होने पर बोझ बन जाती है।

हॉलीवुड की मशीनरी और नैतिक जवाबदेही

मनोवैज्ञानिकों का तर्क है कि कम उम्र में अत्यधिक प्रसिद्धि और पूंजी मिलने से मस्तिष्क का संतुलन बिगड़ सकता है, विशेषकर तब जब वह सफलता अचानक छीन ली जाए। टायलर का मामला उन हजारों प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें इंडस्ट्री उपयोग करने के बाद लावारिस छोड़ देती है।

टायलर चेज की इस स्थिति के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुनर्वास के लिए मुहिम शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि सिनेमा जगत को चाइल्ड आर्टिस्टों के लिए एक मजबूत ‘सपोर्ट सिस्टम’ बनाना चाहिए, जिसमें वित्तीय प्रबंधन और नियमित मानसिक परामर्श अनिवार्य हो।

निष्कर्षतः, टायलर चेज की कहानी एक चेतावनी है। यह हमें सिखाती है कि सफलता के शिखर पर रहते हुए जमीन से जुड़े रहना और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना कितना महत्वपूर्ण है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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