द लोकतंत्र/ पटना : बिहार की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार की शाम पटना के ज्ञान भवन में भाजपा की ओर से आयोजित बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी राज के दौरान बिहार में जो विकास की गड्ढ़े थे, उन्हें एनडीए सरकार ने 20 सालों में भर दिया है। शाह ने यह भी बताया कि अब इस समतल भूमि पर बहुमंजिली और आधुनिक इमारतें बनेंगी और बिहार एक विकसित राज्य के रूप में उभरेगा।
नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार को पिछड़ेपन से निकाला
अमित शाह ने बुद्धिजीवियों से अपील करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को फिर से मौका दें, और अपने आस-पास के लोगों को भी इसे समर्थन करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि 15 साल के जंगलराज में बिहार 50 साल पीछे चला गया था, और पिछड़ापन इतना गहरा था कि नीतीश कुमार की सरकार ने 20 सालों में इसे सुधारने का काम किया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 11 साल का डबल इंजन सरकार का योगदान भी शामिल है।
शाह ने कहा कि आजादी से पहले और बाद में बिहार एक समृद्ध राज्य था, लेकिन राजद के जंगलराज ने इसे बीमारू राज्य बना दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले चरण में जंगलराज को खत्म किया और ग्राम पंचायतों व निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर सुशासन लागू किया। इसे देख लोग उन्हें ‘सुशासन बाबू’ कहते हैं।
बिहार में कई विकास परियोजनाएं शुरू हुईं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 में केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद बिहार में कई विकास परियोजनाएं शुरू हुईं। सड़क, पुल, घर-घर बिजली, पेयजल और गैस पहुंची, राज्य से नक्सलवाद समाप्त हुआ और अब बिहार उद्योग एवं रोजगार में भी आगे बढ़ रहा है। शाह ने कहा कि बिहार के युवा विश्व में सबसे बुद्धिमान हैं और दुनिया को बदलने की शक्ति रखते हैं।
कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख लालू यादव और राबड़ी देवी जंगलराज की वापसी की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता अब परिवारवाद और प्रदर्शनी पार्टियों को नहीं चाहेगी। शाह ने स्पष्ट किया कि बिहार में प्रतिभा और सुशासन को महत्व देने वाली पार्टी को ही मौका मिलेगा, जबकि राजद और कांग्रेस जैसी परिवारवादी पार्टियों से इसकी उम्मीद नहीं की जा सकती।

