द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर आप मोदी जी से कहें कि नाचिए, हम आपको वोट देंगे, तो वह मंच पर भी नाचेंगे। यह टिप्पणी जैसे ही वायरल हुई, बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बयान को ‘अपमानजनक’ बताते हुए कहा कि राहुल गांधी को इसकी चुनाव में कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार जब राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निजी हमला किया है, नतीजे में जनता ने कमल खिलाकर जवाब दिया है।
छठ पर बीजेपी द्वारा ‘ड्रामा’ रचने की कोशिश की गई – राहुल गांधी
यह विवाद केवल एक बयान तक सीमित नहीं रहा। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने छठ पूजा और छठी मैया को लेकर भी विवादित टिप्पणी की। दिल्ली के यमुना किनारे आयोजित छठ पूजा का संदर्भ देते हुए उन्होंने दावा किया कि साफ पानी के कृत्रिम तालाब में प्रधानमंत्री को स्नान कराकर ‘ड्रामा’ रचने की कोशिश की गई थी, जबकि असली पानी गंदा था। राहुल ने कहा कि पीएम मोदी छठ पूजा की आस्था से नहीं, बल्कि वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित हैं। इसके बाद बीजेपी और एनडीए के नेताओं ने राहुल पर आस्था का अपमान करने का आरोप लगा दिया।
राहुल गांधी ने केवल पीएम मोदी नहीं, बल्कि छठी मैया और करोड़ों श्रद्धालुओं का अपमान किया
बीजेपी ने इसे बिहार की सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बयान बताया। अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने केवल पीएम मोदी नहीं, बल्कि छठी मैया और करोड़ों श्रद्धालुओं का अपमान किया है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने बिहार में चुनाव प्रचार की शुरुआत ही छठ पर्व का अपमान करके की है। उन्होंने इसे वोटरों और परंपराओं का अपमान बताया।
चुनावी माहौल में यह बयानबाज़ी अब नई राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। राहुल गांधी की टिप्पणी पर विपक्ष जहां तालियां बजा रहा है, वहीं बीजेपी इसे मौके पर चौका मारने जैसा मानती दिख रही है। बिहार की राजनीति में धर्म और परंपरा हमेशा अहम रहे हैं, ऐसे में इस विवाद का असर चुनावी हवा में जरूर महसूस होगा। अब देखना होगा कि जनता किस बयान को ‘राजनीतिक ड्रामा’ मानती है और किसे ‘आस्था पर हमला’।

