द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने गुरुवार को पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान बड़ा ऐलान किया। तेजस्वी ने कहा कि ‘आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस विशेष है, क्योंकि अब चुनाव का शंखनाद हो चुका है।’ उन्होंने मंच से बिहार के युवाओं और बेरोजगारों को बड़ा भरोसा दिया कि उनकी सरकार बनने पर ‘हर घर को सरकारी नौकरी’ दी जाएगी।
हर घर को सरकारी नौकरी का वादा
तेजस्वी यादव ने घोषणा की कि ‘बिहार में जितने भी ऐसे परिवार हैं जिनके घर में कोई सरकारी नौकरी नहीं है, वहां हमारी सरकार बनने के बीस दिनों के अंदर एक अधिनियम लाया जाएगा और हर परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाएगी।’ उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ घोषणा नहीं, बल्कि एक ‘क्रांतिकारी कदम’ होगा, जो बिहार की दिशा और दशा बदल देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना को ‘साइंटिफिक तरीके’ से लागू किया जाएगा, और इसके लिए उनके पास हर परिवार का सटीक डेटा मौजूद है।
नीतीश सरकार मेरी घोषणाओं को नक़ल करती है – तेजस्वी
तेजस्वी ने सत्तारूढ़ एनडीए सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि बीस साल में एनडीए ने बिहार को असुरक्षा दी है, अब हम हर घर को रोजगार देंगे। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि जितनी घोषणाएं मैं करता हूं, यह सरकार उसकी नकल करती है। हमने 17 महीने की सरकार में 5 लाख नौकरियां दी थीं, लेकिन यह लोग केवल बेरोजगारी भत्ता देने की बात कर रहे हैं, नौकरी देने की नहीं।
राजद नेता ने कहा कि उनकी राजनीति जुमलेबाजी की नहीं, बल्कि नीतिगत बदलाव की है। हम सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक न्याय करेंगे। जो कह रहे हैं, वो करेंगे। हमारी घोषणाएं फ़िज़िबल हैं और आंकड़ों पर आधारित हैं। तेजस्वी ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वह अपनी पार्टी का ‘विजन डॉक्युमेंट’ जनता के सामने रखेंगे, जिसमें बिहार के विकास की नई रूपरेखा होगी।
जनता इस बार परिवर्तन का देगी साथ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में तेजस्वी यादव ने भरोसा जताया कि बिहार की जनता इस बार “परिवर्तन” का साथ देगी। उन्होंने कहा, “हम बिहार को करेक्ट और परफेक्ट सरकार देंगे। जनता ने बहुत कुछ देखा है, अब नवजागरण का समय है।”
तेजस्वी की इस घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। एक तरफ़ इसे युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बताया जा रहा है, तो दूसरी ओर विपक्षी दल इसे ‘असंभव सपना’ कहकर खारिज कर रहे हैं। लेकिन तेजस्वी यादव के इस दावे ने निश्चित रूप से चुनावी जंग को और दिलचस्प बना दिया है।

