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तेजस्वी के नाम पर मुहर, लेकिन राहुल गांधी गायब! रविशंकर प्रसाद बोले- ये कैसा गठबंधन है?

Tejashwi Yadav's name is approved, but Rahul Gandhi is missing! Ravi Shankar Prasad asked, "What kind of alliance is this?"

द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर चली लंबी रस्साकशी आखिरकार खत्म हो गई। महागठबंधन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेजस्वी यादव के नाम पर मुहर लगाई। हालांकि इस ऐलान से ज्यादा चर्चा में राहुल गांधी की गैरमौजूदगी रही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी तस्वीर न दिखने पर भारतीय जनता पार्टी ने महागठबंधन पर करारा हमला बोला।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह कौन-सा गठबंधन है जिसमें राहुल गांधी की तस्वीर तक नहीं है। बिहार में 243 सीटें हैं और ये लोग 255 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे बेमेल गठबंधन से बिहार का क्या भला होगा? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने इन्हीं के भ्रष्टाचार से तंग आकर महागठबंधन छोड़ा था, और आज वही गठबंधन तेजस्वी को सीएम चेहरा बना रहा है।

तेजस्वी पर आईपीसी की धारा 420 का केस है – रविशंकर प्रसाद

रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन सवाल है कि किसके भ्रष्टाचार पर? उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी के पिता लालू प्रसाद यादव चारा घोटाले में 32 साल की सजा पा चुके हैं और उनके खिलाफ चार अलग-अलग घोटालों के मामले दर्ज हैं। खुद तेजस्वी पर आईपीसी की धारा 420 का केस है।

बीजेपी नेता ने कहा कि तेजस्वी यादव नौकरी देने की बात करते हैं, लेकिन उनका ‘मॉडल’ भ्रष्टाचार से भरा हुआ है, वे नौकरी देंगे और बदले में लोगों की जमीन ले लेंगे। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि न हिमाचल प्रदेश में और न तेलंगाना में, कांग्रेस अपनी घोषणाएं पूरी कर पाई। अब बिहार में भी जनता को गुमराह किया जा रहा है। तेजस्वी के ‘हर घर एक नौकरी’ के वादे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, बिहार में करीब 2.6 करोड़ परिवार हैं, अगर हर घर को नौकरी देंगे तो वेतन कहां से आएगा? ये वादे सिर्फ हवा-हवाई हैं।

बीजेपी नेता ने कहा कि एनडीए का मकसद आरजेडी और महागठबंधन की सच्चाई उजागर करना है। तेजस्वी के वादे जमीनी नहीं हैं, बल्कि सिर्फ चुनावी जुमले हैं। बिहार की जनता अब वादों के नहीं, विकास के नाम पर वोट देगी।

Team The Loktantra

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