द लोकतंत्र/सुनील पांडेय/अमृतसर: एक 15 वर्षीय छात्रा की Death के बाद अमृतसर के मकबूलपुरा इलाके में तनाव का माहौल बन गया। माल मंडी स्थित सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस टाउन हॉल की कक्षा 10 की छात्रा कोमल की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने स्कूल के कुछ शिक्षकों और प्रशासन पर छात्रा को मानसिक रूप से परेशान करने और उसके चरित्र को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि स्कूल में कथित तौर पर हुई घटना के बाद कोमल काफी तनाव में थी। परिवार का आरोप है कि मामले को सुलझाने के बजाय छात्रा के खिलाफ स्कूल से निकालने जैसी कार्रवाई की गई। इसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
15 साल की कोमल की Death से परिवार में पसरा मातम
कोमल 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। परिवार के अनुसार, वह पढ़ाई कर रही थी और स्कूल से जुड़े घटनाक्रम के बाद उसकी मानसिक स्थिति को लेकर परिजन चिंतित थे। परिवार का आरोप है कि कुछ शिक्षकों ने छात्रा के चरित्र को लेकर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन्हें उन्होंने अपमानजनक और आपत्तिजनक माना। परिजनों के मुताबिक, कोमल ने कथित टिप्पणियों का विरोध भी किया था। परिवार का कहना है कि इसके बाद स्कूल स्तर पर हुई कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम ने छात्रा पर गहरा असर डाला। छात्रा की Death के बाद घर में मातम है और परिजन स्कूल प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
स्कूल के बाहर शव रखकर परिवार ने मांगा इंसाफ
छात्रा की Death के बाद परिजन और स्थानीय लोग स्कूल के मुख्य गेट के बाहर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने छात्रा का शव स्कूल के बाहर रखकर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना था कि जिन लोगों पर छात्रा को मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने स्कूल प्रबंधन और पुलिस से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उन्हें केवल कार्रवाई का आश्वासन नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मामला
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर मकबूलपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ACP रविंदर सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और उन्हें कानून के मुताबिक कार्रवाई का भरोसा दिया। पुलिस के अनुसार, परिवार की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर संबंधित शिक्षक और स्कूल एडमिनिस्ट्रेटर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
स्कूल रिकॉर्ड और बयानों की होगी जांच, Death का होगा खुलाशा
जांच के दौरान स्कूल से संबंधित रिकॉर्ड, घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि छात्रा के साथ स्कूल में क्या हुआ था और उसकी Death से पहले किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। फिलहाल, शिक्षकों और स्कूल प्रशासन के खिलाफ लगाए गए आरोप पुलिस जांच के दायरे में हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति क्या थी और इसके लिए कानूनी तौर पर किसकी जिम्मेदारी बनती है।
एक परिवार के लिए असहनीय दुख, जांच से है उम्मीद
15 साल की उम्र में एक बच्ची की Death ने उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्कूल के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजन अपनी बेटी की मौत के कारणों का स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला केवल आरोप और पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं है। एक नाबालिग छात्रा की मौत से जुड़े इस संवेदनशील मामले में अब सबसे अहम यह है कि जांच तथ्यों के आधार पर आगे बढ़े और परिवार को पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।
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