भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के बरवां गांव के रहने वाले कैप्टन विनोद दुबे अब सिंगापुर में भारतीय संस्कृति और रामायण की परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगे। पेशे से समुद्री जहाजों के कप्तान और साहित्यकार विनोद दुबे 23 जनवरी 2027 को आयोजित होने वाली भव्य रामलीला की पटकथा लिखने के साथ निर्देशन भी करेंगे। इस आयोजन में करीब 40 कलाकार हिस्सा लेंगे, जिनमें अधिकांश स्कूली विद्यार्थी होंगे।
संगम सिंगापुर की ओर से शनिवार को सिंगापुर के ग्रैंड एमपीएच ऑडिटोरियम में इस रामलीला का आयोजन किया जाएगा। शाम पांच से साढ़े सात बजे तक होने वाली हिंदी नाट्य प्रस्तुति में सिंगापुर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान सहित रामायण के प्रमुख पात्रों की भूमिका निभाएंगे। इसके माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस आयोजन की अगुवाई संगम सिंगापुर की अध्यक्ष डॉ. संध्या सिंह कर रही हैं। वहीं, कैप्टन विनोद दुबे पटकथा लेखक, निर्देशक और सूत्रधार की भूमिका में होंगे। डॉ. संध्या सिंह के मुताबिक, बच्चों के स्वयं इन कहानियों को मंच पर प्रस्तुत करने से वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को केवल सुनते नहीं, बल्कि उसे करीब से अनुभव भी करते हैं। विनोद दुबे का कहना है कि इस पहल से नई पीढ़ी रामलीला की पारंपरिक नाट्य विधा से परिचित होगी और भारत में रामलीला देखकर बड़े हुए लोगों को अपनी पुरानी यादें ताजा करने का अवसर मिलेगा।
समुद्री कप्तान के साथ साहित्यकार भी हैं विनोद दुबे
भदोही के बरवां गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले विनोद दुबे का जीवन समुद्री यात्राओं और साहित्यिक अभिव्यक्ति का संगम है। उन्होंने हिंदी साहित्य में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके प्रमुख साहित्यिक कार्यों में उपन्यास ‘इंडियापा’ और ‘ओक्का-बोक्का’, चिट्ठी संग्रह ‘डियर X’ तथा कविता संग्रह ‘वीकेंड वाली कविता’, ‘जहाजी’, ‘बेतरतीब’, ‘गुल्लक’ और ‘कस्तूरी’ शामिल हैं। सिंगापुर में रहते हुए भी हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति से उनका जुड़ाव बना हुआ है।
प्रवासी भारतीय दिवस से उत्तर प्रदेश दिवस तक जुड़ा आयोजन
23 जनवरी 2027 को होने वाली यह रामलीला जनवरी के चार महत्वपूर्ण अवसरों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी है। इनमें 9 जनवरी का प्रवासी भारतीय दिवस, 10 जनवरी का विश्व हिंदी दिवस, 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ और 24 जनवरी का उत्तर प्रदेश दिवस शामिल हैं।
आयोजकों का उद्देश्य रामायण के मंचन के जरिए विदेश में रह रहे भारतीय परिवारों की नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और हिंदी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाना है। इस पहल के माध्यम से भदोही के एक गांव से जुड़े विनोद दुबे भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने जा रहे हैं।
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