द लोकतंत्र : साल 2026 का दूसरा महीना यानी फरवरी धार्मिक लिहाज से बहुत ही हलचल भरा रहने वाला है। इस महीने में न केवल महादेव की प्रिय महाशिवरात्रि मनाई जाएगी, बल्कि साल का पहला सूर्य ग्रहण भी इसी महीने लगने जा रहा है। आस्था के संगम माघ मेले का समापन और होली से पहले लगने वाले होलाष्टक भी फरवरी में ही आ रहे हैं।
अगर आप भी अपने आने वाले व्रत और त्यौहारों की योजना बना रहे हैं, तो यह लिस्ट आपके बहुत काम आएगी। आइए जानते हैं फरवरी 2026 के प्रमुख व्रत और तिथियां।
फरवरी 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार (पूरी लिस्ट)
- 1 फरवरी: गुरु रविदास जयंती, माघ पूर्णिमा स्नान (माघ मेला समापन)
- 2 फरवरी: फाल्गुन महीने की शुरुआत
- 8 फरवरी: भानु सप्तमी और शबरी जयंती
- 9 फरवरी: जानकी जयंती (सीता अष्टमी)
- 13 फरवरी: विजया एकादशी, कुंभ संक्रांति
- 15 फरवरी: महाशिवरात्रि (महादेव और माता पार्वती का विवाह उत्सव)
- 17 फरवरी: सूर्य ग्रहण, फाल्गुन अमावस्या
- 18 फरवरी: फुलैरा दूज (शादी-ब्याह के लिए अबूझ मुहूर्त)
- 24 फरवरी: होलाष्टक शुरू (शुभ कार्यों पर रोक)
- 27 फरवरी: आमलकी एकादशी
माघ पूर्णिमा: अमृत स्नान का आखिरी मौका
1 फरवरी को माघ पूर्णिमा है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि माघ महीने में सभी देवी-देवता धरती पर आकर गंगा में निवास करते हैं। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।
महाशिवरात्रि 2026: कब और कैसे करें पूजा?
इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। भगवान शिव की आराधना के लिए ‘चार प्रहर’ की पूजा का विशेष महत्व है।
- प्रथम प्रहर: शाम 06:39 से रात 09:45 तक।
- निशिता काल (सबसे शुभ समय): रात 12:28 से 01:17 तक (16 फरवरी की रात)। मान्यता है कि इस रात जागकर शिव नाम का जाप करने से जीवन की बड़ी से बड़ी मुश्किलें हल हो जाती हैं।
साल का पहला सूर्य ग्रहण और होलाष्टक
17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। हालांकि, इसी महीने 24 फरवरी से होलाष्टक भी शुरू हो रहे हैं। होली से ठीक 8 दिन पहले का यह समय मांगलिक कार्यों (जैसे शादी, मुंडन या गृह प्रवेश) के लिए शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान ग्रहों का स्वभाव काफी उग्र रहता है, इसलिए नए काम की शुरुआत से बचना चाहिए।
फरवरी का महीना भक्ति, साधना और खगोलीय घटनाओं का अनोखा मिश्रण है। जहाँ एक ओर महाशिवरात्रि पर शिव की भक्ति होगी, वहीं महीने के अंत में होलाष्टक के साथ होली की आहट भी सुनाई देने लगेगी।

