द लोकतंत्र : भारतीय ज्योतिष और परंपराओं में ‘शकुन शास्त्र’ को बहुत माना जाता है। इसके अनुसार, हमारे आसपास रहने वाले पशु-पक्षी केवल जीव मात्र नहीं हैं, बल्कि वे अपनी हरकतों से हमें भविष्य में होने वाली अच्छी या बुरी घटनाओं का इशारा देते हैं। अक्सर हम इन बातों को इत्तेफाक मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन जानकारों का कहना है कि प्रकृति हमें पहले ही चेतावनी देती है। आइए जानते हैं कि किन पक्षियों का बार-बार दिखना किसी बड़ी मुसीबत का संकेत हो सकता है।
1. चील: पूर्वजों की नाराजगी का इशारा
शकुन शास्त्र में चील को परलोक और मृत आत्माओं से जोड़कर देखा जाता है। अगर आपको अपने घर के ऊपर या कहीं बाहर जाते समय बार-बार चील दिखाई दे, तो इसे शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि यह पितृ शांति की कमी की ओर इशारा करता है। इसका मतलब हो सकता है कि आपके पूर्वज आपसे खुश नहीं हैं। ऐसे में पितरों के नाम पर पूजा-पाठ या दान-पुण्य करना फायदेमंद हो सकता है।
2. कौओं का झुंड: बड़ी मुसीबत की आहट
आमतौर पर एक-दो कौओं का दिखना सामान्य है, लेकिन अगर अचानक आपकी छत पर या घर के पास बड़ी संख्या में कौए इकट्ठा होकर शोर मचाने लगें, तो सावधान हो जाएं। शकुन शास्त्र के मुताबिक, यह घर में किसी बड़ी अनहोनी या संकट के आने का संकेत होता है। वहीं, अगर बहुत सारे कौए किसी मृत शरीर या ऐसी ही जगह पर दिखें, तो यह भविष्य में कोई बुरी खबर मिलने का इशारा हो सकता है।
3. चमगादड़: नकारात्मक ऊर्जा और धन हानि
चमगादड़ रात के अंधेरे में सक्रिय होते हैं और हमेशा उल्टे लटकते हैं, इसलिए इन्हें पितृ दोष और बुरी शक्तियों का प्रतीक माना जाता है। घर के अंदर चमगादड़ का आना बहुत अशुभ कहा गया है। यह संकेत देता है कि घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बढ़ रही है, जिससे धन की हानि, परिवार में झगड़े या किसी लंबी बीमारी का खतरा हो सकता है।
4. टिटहरी: विवाद और मृत्यु का भय
टिटहरी को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं। घर के आसपास टिटहरी का बार-बार दिखना या उसका छत पर बैठकर जोर-जोर से चिल्लाना अच्छा नहीं माना जाता। शकुन शास्त्र के अनुसार, यह किसी बड़े विवाद, कानूनी अड़चन या परिवार में किसी की मृत्यु जैसा दुखद समाचार मिलने का पूर्व संकेत हो सकता है।
क्या करें अगर दिखें ऐसे संकेत?
अगर आपको लगता है कि ऐसे संकेत बार-बार मिल रहे हैं, तो डरने के बजाय कुछ सरल उपाय किए जा सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, अपने ईष्ट देव की पूजा करें, गरीबों को अन्न दान करें और पक्षियों के लिए दाना-पानी रखें। इससे नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और मन में शांति बनी रहती है।
याद रखें, ये मान्यताएं सदियों से चली आ रही हैं, जिनका उद्देश्य व्यक्ति को सचेत करना है ताकि वह आने वाली चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार रहे।

