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मुख्य द्वार का पायदान बदल सकता है घर की ऊर्जा; जानें Doormat का सही रंग और दिशा से जुड़ा विज्ञान

The loktnatra

द लोकतंत्र : भारतीय गृह व्यवस्था में वास्तु शास्त्र के सिद्धांत प्रत्येक वस्तु को ऊर्जा के प्रवाह से जोड़ते हैं। अक्सर हम मुख्य द्वार पर बिछाए जाने वाले डोरमैट (पायदान) को केवल सजावट अथवा धूल रोकने का साधन मानते हैं, किंतु वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, यह घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक और सकारात्मक ऊर्जाओं के लिए एक ‘फिल्टर’ की भांति कार्य करता है। इसका रंग, आकार और इस पर अंकित शब्द परिवार की मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति को गहराई से प्रभावित करते हैं।

‘Welcome’ शब्द का मनोवैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक पक्ष

वास्तु शास्त्र में शब्दों की शक्ति को सर्वोपरि माना गया है। मुख्य द्वार पर ‘Welcome’ लिखा होना अत्यंत शुभ संकेत है। यह न केवल अतिथियों के प्रति सम्मान प्रकट करता है, बल्कि वातावरण में सौहार्द और प्रेम का संचार भी करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब हम सकारात्मक शब्द पढ़ते हैं, तो हमारे विचारों में शुद्धता आती है। हालांकि, यह सावधानी आवश्यक है कि मुख्य द्वार पर खड़े होकर कभी विवाद या नकारात्मक वार्तालाप न करें, अन्यथा यह शब्द भी निष्प्रभावी हो सकते हैं।

दिशा और रंग का सटीक तालमेल

वास्तु के अनुसार, दिशाओं के आधार पर रंगों का चयन पंचतत्वों को संतुलित करता है:

  • उत्तरी एवं उत्तर-पूर्व द्वार: इन दिशाओं के लिए पीला रंग सर्वश्रेष्ठ है, जो सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देता है। हरा रंग भी शुभ है, जो समृद्धि का प्रतीक है।
  • दक्षिण एवं पूर्व द्वार: इन दिशाओं के लिए काला रंग उपयुक्त माना गया है, परंतु शर्त यह है कि काले पायदान पर कोई भी शुभ चिह्न या ‘वेलकम’ अंकित नहीं होना चाहिए।
  • सार्वभौमिक रंग: भूरा (पृथ्वी तत्व) और नीला (शांति का प्रतीक) रंग नकारात्मकता को सोखने में प्रभावी होते हैं।

आकार और सामग्री: ऊर्जा अवरोध से बचाव

पायदान की बनावट भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसका रंग।

  • आयताकार आकार: यह आकार स्थिरता का प्रतीक है और अधिकांश द्वारों के लिए आदर्श है।
  • सामग्री: नारियल रेशे (Coir) से बने पायदान नकारात्मक ऊर्जा को रोकने में सर्वाधिक सक्षम होते हैं। जूट और सूती कपड़े के पायदान भी सकारात्मक माने जाते हैं।
  • रबर का निषेध: वास्तु शास्त्र में रबर के पायदान का प्रयोग वर्जित है। यह प्राकृतिक ऊर्जा के प्रवाह को बाधित करता है और द्वार पर अशुभ ऊर्जा को एकत्रित कर सकता है।

आधुनिक इंटीरियर डिजाइन अब वास्तु को सौंदर्यशास्त्र के साथ एकीकृत कर रहा है। पायदान जैसे छोटे बदलाव घर के प्रवेश को न केवल सुंदर बनाते हैं, बल्कि निवासियों के जीवन में शांति और प्रगति के द्वार भी खोलते हैं।

निष्कर्षतः, घर का प्रवेश द्वार आभामंडल का प्रारंभिक बिंदु है। एक सही पायदान का चुनाव आपकी सजगता और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिचायक है।

डिस्क्लेमर: इस न्यूज में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। द लोकतंत्र इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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