द लोकतंत्र : वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार (Main Entrance) को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। जैसे हमारे शरीर के लिए ‘मुख’ जरूरी है, वैसे ही घर के लिए मुख्य द्वार होता है। यहीं से घर में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। अगर दरवाजा सही दिशा में हो, तो घर में धन और खुशहाली आती है, लेकिन गलत दिशा का चुनाव जीवन में परेशानियां खड़ी कर सकता है।
आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार आपके घर के मुख्य द्वार की दिशा आपके जीवन पर क्या असर डालती है।
पूर्व दिशा: सकारात्मकता और मान-सम्मान
पूर्व दिशा को सूर्य की दिशा माना जाता है। वास्तु के अनुसार, इस दिशा में बना मुख्य द्वार सबसे उत्तम होता है।
- फायदे: यहाँ से आने वाली सुबह की पहली किरणें घर में पॉजिटिव एनर्जी और अच्छी सेहत लाती हैं।
- असर: पूर्व मुखी घर में रहने वाले लोगों को समाज में सम्मान मिलता है और उनके लिए तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं।
उत्तर दिशा: धन और करियर की उन्नति
उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है। यदि आपका मुख्य द्वार उत्तर की तरफ है, तो यह आर्थिक मजबूती का संकेत है।
- फायदे: व्यापार और करियर में वृद्धि के लिए यह दिशा बहुत शुभ है।
- असर: यह दिशा नए अवसरों को आकर्षित करती है और परिवार में सुख-सुविधाओं को बढ़ाती है।
दक्षिण दिशा: सावधानी है जरूरी
सामान्य तौर पर दक्षिण दिशा में मुख्य द्वार होना शुभ नहीं माना जाता। माना जाता है कि इस दिशा से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश आसानी से होता है।
- नुकसान: इससे घर में तनाव, बेवजह की बीमारियां और आर्थिक तंगी बढ़ सकती है।
- बचाव: हालांकि, अगर दरवाजा दक्षिण दिशा में है, तो सही वास्तु उपाय अपनाकर इसके बुरे असर को कम किया जा सकता है।
इन दिशाओं से बचें: दक्षिण-पश्चिम का खतरा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम से लेकर दक्षिण-पश्चिम (S-6 से W-1 पद) के बीच बना द्वार सबसे ज्यादा नुकसानदायक होता है।
- असर: यह दिशा कर्ज, रिश्तों में कड़वाहट और मानसिक कमजोरी ला सकती है। कई बार ऐसी स्थिति में अचानक दुर्घटना या बड़ी बीमारी का डर भी बना रहता है। यहाँ सामान्य उपाय भी ज्यादा काम नहीं करते, इसलिए इस दिशा में द्वार बनाने से बचना चाहिए।
मुख्य द्वार के लिए 5 जरूरी सावधानियां
दिशा के साथ-साथ दरवाजे की स्थिति भी महत्वपूर्ण है:
- साफ-सफाई: मुख्य द्वार हमेशा साफ, मजबूत और सुंदर होना चाहिए। टूटा-फूटा या गंदा दरवाजा गरीबी को न्योता देता है।
- रोशनी: प्रवेश द्वार के सामने कभी अंधेरा न रखें। पर्याप्त रोशनी और एक सुंदर ‘नाम-पट’ (Name Plate) लगाना शुभ होता है।
- शुभ प्रतीक: दरवाजे पर स्वस्तिक या ओम जैसे शुभ चिन्ह लगाएं।
- रुकावट न हो: मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई खंभा, गड्ढा या बड़ी दीवार नहीं होनी चाहिए।
- आकर्षण: दरवाजा जितना आकर्षक होगा, सकारात्मक ऊर्जा उतनी ही ज्यादा घर की ओर खिंची चली आएगी।
घर का मुख्य द्वार आपकी जीवनशैली का दर्पण होता है। यदि आप घर बनाने या खरीदने की सोच रहे हैं, तो दिशाओं का ध्यान रखकर आप अपने भविष्य को सुखमय बना सकते हैं।

