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Google Data Privacy: सावधान! गूगल को पता है आप कहाँ जाते हैं और क्या देखते हैं; ऐसे सुरक्षित रखें अपना पर्सनल डेटा

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द लोकतंत्र : आज के इस डिजिटल दौर में स्मार्टफोन के बिना जिंदगी अधूरी लगती है। खासकर एंड्रॉइड (Android) यूजर्स के लिए जीमेल, गूगल मैप्स, क्रोम और यूट्यूब जैसे ऐप्स सांस लेने जितने जरूरी हो गए हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये फ्री सर्विस देने के बदले गूगल आपसे क्या लेता है? जवाब है— आपका पर्सनल डेटा

जी हां, गूगल आपके फोन के जरिए आपकी हर छोटी-बड़ी एक्टिविटी को ट्रैक करता है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप खुद तय कर सकते हैं कि गूगल को कितना बताना है और क्या छिपाना है। आइए जानते हैं गूगल के डेटा कलेक्शन का पूरा गणित।

आखिर गूगल क्यों कलेक्ट करता है आपका डेटा?

गूगल का कहना है कि वह यूजर्स को ‘पर्सनलाइज्ड एक्सपीरियंस’ देने के लिए डेटा इकट्ठा करता है। यानी आपको वही विज्ञापन या वीडियो दिखें जिनमें आपकी दिलचस्पी है।

  • लोकेशन ट्रैकिंग: अगर आपके फोन की लोकेशन ऑन है, तो गूगल को पता है कि आप कब कहाँ गए, किस रास्ते से गए और वहाँ कितनी देर रुके।
  • सर्च हिस्ट्री: आप गूगल क्रोम पर जो भी गुप्त या सार्वजनिक जानकारी सर्च करते हैं, वह सब स्टोर होती है।
  • यूट्यूब हिस्ट्री: आप कौन-से वीडियो देखते हैं, कितनी देर देखते हैं और आपकी पसंद क्या है, यूट्यूब इसका पूरा हिसाब रखता है।

कैसे चेक करें कि गूगल ने आपका क्या-क्या सेव किया है?

अपने डेटा को चेक करना बहुत आसान है। इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. अपने फोन की Settings में जाएं।
  2. नीचे स्क्रॉल करें और Google पर क्लिक करें।
  3. अब Manage your Google Account पर टैप करें।
  4. ऊपर दिए गए टैब में Data & Privacy सेक्शन में जाएं।
  5. यहाँ आपको ‘Web & App Activity’, ‘Location History’ और ‘YouTube History’ जैसे विकल्प दिखेंगे। आप जिस पर भी क्लिक करेंगे, उसकी पूरी कुंडली आपके सामने आ जाएगी।

अपने डेटा को सुरक्षित रखने के 3 महामंत्र

अगर आप चाहते हैं कि गूगल आपकी जासूसी कम कर दे, तो ये बदलाव तुरंत करें:

  • लोकेशन हिस्ट्री बंद करें: डेटा एंड प्राइवेसी सेक्शन में जाकर लोकेशन हिस्ट्री को ‘Pause’ कर दें। इससे गूगल आपका पीछा करना बंद कर देगा।
  • ऑटो-डिलीट फीचर ऑन करें: गूगल में एक शानदार फीचर है ‘Auto-Delete’। आप इसे 3, 18 या 36 महीनों के लिए सेट कर सकते हैं। इसके बाद आपका पुराना डेटा अपने आप डिलीट होता रहेगा।
  • विज्ञापन (Ads) सेटिंग बदलें: ‘Ad Personalization’ को डिसेबल कर दें। इससे गूगल आपकी पसंद-नापसंद के आधार पर आपको बार-बार विज्ञापन दिखाकर परेशान नहीं करेगा।

इंटरनेट की दुनिया में ‘डेटा ही नया सोना’ है। आप पूरी तरह तो डिजिटल दुनिया से कट नहीं सकते, लेकिन अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को कंट्रोल में रखकर खुद को सुरक्षित जरूर रख सकते हैं। आज ही अपने फोन की सेटिंग्स चेक करें!

Team The Loktantra

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लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

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