द लोकतंत्र : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवाती तूफान सेन्यार (Cyclone Senyar) के संबंध में ताजा अपडेट जारी किया है, जिसके अनुसार भारत के कई दक्षिणी राज्यों में इस तूफान का गहरा असर दिखाई दे सकता है। वर्तमान में, यह चक्रवात मलक्का स्ट्रेट और पूर्वोत्तर इंडोनेशिया के ऊपर है और दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान अगले कुछ दिनों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, माहे और रायलसीमा के क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
चक्रवात की गति और प्रभावित क्षेत्र
चक्रवात सेन्यार की हलचल तेज होते ही, भारतीय मौसम विभाग ने इन सभी संभावित क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया है।
- अंडमान पर पहला असर: यह तूफान सबसे पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूहों पर असर दिखाएगा, जहाँ 27 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
- तटीय राज्यों का खतरा: IMD के मुताबिक, 29-30 नवंबर के आसपास चक्रवाती तूफान तमिलनाडु या आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजर सकता है, जिसके कारण इन राज्यों में भारी बारिश की प्रबल संभावना है।
- हवा की रफ्तार: इस दौरान 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तटीय इलाकों में जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
- अन्य प्रभावित क्षेत्र: केरल, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के अलावा, मलक्का जलडमरूमध्य, मलेशिया, दक्षिणी अंडमान सागर, निकोबार द्वीप, इंडोनेशिया और थाईलैंड के ऊपर भी तेज हवाएं चलने की चेतावनी है।
मौसम पूर्वानुमान और तैयारियों की जरूरत
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, दक्षिणी तटीय तमिलनाडु में बारिश 28 नवंबर से शुरू हो सकती है, लेकिन 29 और 30 नवंबर 2025 को इसका प्रकोप चरम पर पहुंचने की आशंका है।
- सटीक भविष्यवाणी: मौसम विभाग ने कहा है कि 27 नवंबर को हवाओं की स्थिति और बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव की स्थिति को देखने के बाद ही साफ होगा कि यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर यानी बंगाल-ओडिशा की तरफ बढ़ेगा या नहीं।
- प्रशासनिक तैयारी: इस संभावित चुनौती का सामना करने के लिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश को अपनी तैयारी और संसाधन मजबूत कर लेने चाहिए।
- आम जनता से अपील: मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और तेज हवाओं तथा समुद्री लहरों से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
चक्रवात सेन्यार का नामकरण
इस चक्रवात का नाम ‘सेन्यार’ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दिया है, जिसका अर्थ ‘शेर’ होता है। यह नाम उत्तरी हिंद महासागर में चक्रवाती तूफानों के लिए निर्धारित नामों की सूची में से लिया गया है। यह इस साल बंगाल की खाड़ी में आने वाला दूसरा तूफान है। इससे पहले चक्रवात मोंथा ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा एवं तमिलनाडु में तबाही मचाई थी। इस बार सेन्यार के संभावित असर को देखते हुए प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव दल तैयार रखने की आवश्यकता है।

