Advertisement Carousel
Chhattisgarh News National

राष्ट्रीय सुरक्षा: रायपुर में ‘DGP-IGP Conference’ का आयोजन, पीएम मोदी ने की अध्यक्षता; संगठित अपराध और AI के उपयोग पर व्यापक विमर्श

The loktnatra

द लोकतंत्र : देश की आंतरिक सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श के लिए पुलिस महानिदेशकों (DGP) और पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) का 60वां वार्षिक सम्मेलन छत्तीसगढ़ के भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) रायपुर में आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता की, जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और खुफिया ब्यूरो (IB) प्रमुख तपन कुमार डेका सहित केंद्रीय और राज्य बलों के शीर्ष पुलिस प्रमुख शामिल हुए।

प्रमुख एजेंडा और गृह मंत्री का ज़ोर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर सशक्त वक्तव्य दिया।

  • स्थायी समाधान: गृह मंत्री ने दावा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने नक्सलवाद, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का ‘स्थायी समाधान’ दिया है, जिससे नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या में तेजी से कमी आई है।
  • चौतरफा लड़ाई: शाह ने पुलिस प्रमुखों से नशीले पदार्थों और संगठित अपराध के खिलाफ चौतरफा लड़ाई लड़ने, खुफिया जानकारी की सटीकता और अंतर-एजेंसी तालमेल पर ज़ोर दिया। उन्होंने राज्य पुलिस बल से स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय नशीले पदार्थों के गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया।

आतंकवाद और तकनीकी उपयोग पर विमर्श

यह उच्च-स्तरीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब कुछ सप्ताह पहले ही दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में शामिल एक ‘सफेदपोश’ आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ है।

  • नए आपराधिक कानूनों का उपयोग: सम्मेलन में देश भर में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नए आपराधिक कानूनों के इस्तेमाल पर भी विस्तृत विचार-विमर्श हो रहा है।
  • तकनीकी आयाम: इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ है। चर्चा के प्रमुख मुद्दों में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद रोधी, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग सहित प्रमुख सुरक्षा मुद्दे शामिल हैं।

सम्मेलन का स्वरूप और उद्देश्य

डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन देश की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में उभरा है।

  • उद्देश्य: इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य प्रमुख पुलिस चुनौतियों से निपटने में हुई प्रगति की समीक्षा करना और ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप की रूपरेखा तैयार करना है।
  • नए दृष्टिकोण: 2014 के बाद से राष्ट्रीय राजधानी से बाहर आयोजित किए जा रहे इस सम्मेलन में इस बार नए और युवा दृष्टिकोण को शामिल करने के लिए डीआईजी और एसपी स्तर के कई अधिकारी भी भाग ले रहे हैं, जो सुरक्षा से संबंधित परिचालन और कल्याण संबंधी समस्याओं पर स्वतंत्र रूप से चर्चा कर रहे हैं।

यह सम्मेलन भारत की सुरक्षा प्रणाली को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Team The Loktantra

Team The Loktantra

About Author

लोकतंत्र की मूल भावना के अनुरूप यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां स्वतंत्र विचारों की प्रधानता होगी। द लोकतंत्र के लिए 'पत्रकारिता' शब्द का मतलब बिलकुल अलग है। हम इसे 'प्रोफेशन' के तौर पर नहीं देखते बल्कि हमारे लिए यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही से पूर्ण एक 'आंदोलन' है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Sanjay Singh AAP
National

राज्यसभा सांसद संजय सिंह क्यों हुए निलंबित, क्या है निलंबन के नियम

द लोकतंत्र : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में हंगामा और
HSBC
National

HSBC की रिपोर्ट में महंगाई का संकेत, 5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान

द लोकतंत्र : HSBC की रिपोर्ट में महंगाई के संकेत मिले हैं। एचएसबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गेहूं