द लोकतंत्र/ ऑटो : भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एसयूवी (SUV) सेगमेंट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। फैमिली कार खरीदने वाले ग्राहकों की पहली पसंद अब एसयूवी बनती जा रही है। इसी कड़ी में Maruti Victoris भी अपने आकर्षक डिजाइन, दमदार इंजन, आधुनिक फीचर्स और बेहतर माइलेज के कारण ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
अगर आप भी Maruti Victoris खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल इसकी एक्स-शोरूम कीमत जानना पर्याप्त नहीं है। कार खरीदने से पहले यह समझना जरूरी है कि ऑन-रोड कीमत कितनी होगी, कितना डाउन पेमेंट करना पड़ेगा और हर महीने कितनी EMI चुकानी होगी। सही वित्तीय योजना बनाकर ही कार खरीदना आपके बजट के लिए बेहतर साबित होगा।
Maruti Victoris की कीमत, डाउन पेमेंट और EMI का पूरा गणित
Maruti Victoris के बेस मॉडल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 10.50 लाख रुपये है। आरटीओ शुल्क, इंश्योरेंस और अन्य चार्ज जोड़ने के बाद इसकी ऑन-रोड कीमत करीब 12.50 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। यदि आप बेस मॉडल को कार लोन पर खरीदना चाहते हैं, तो बैंक की शर्तों और आपके CIBIL स्कोर के आधार पर लगभग 2 लाख से 2.50 लाख रुपये तक डाउन पेमेंट करना पड़ सकता है। ऐसे में करीब 10 लाख रुपये का कार लोन लेना होगा।
अगर बैंक आपको 9.5 से 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर 5 साल के लिए लोन देता है, तो आपकी मासिक EMI लगभग 21,000 से 22,000 रुपये के बीच होगी। वहीं यदि लोन अवधि 7 साल कर दी जाए तो मासिक किस्त घटकर लगभग 16,500 रुपये रह सकती है। हालांकि लंबी अवधि में कुल ब्याज का भुगतान अधिक करना पड़ सकता है।
टॉप और CNG वेरिएंट के लिए बढ़ाना होगा बजट, खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
यदि आप Maruti Victoris का टॉप वेरिएंट या CNG मॉडल खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपको अधिक बजट की आवश्यकता होगी। कंपनी के टॉप-एंड स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत करीब 19.99 लाख रुपये है, जबकि इसकी ऑन-रोड कीमत लगभग 23 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इस वेरिएंट को खरीदने के लिए करीब 3.50 लाख से 4 लाख रुपये तक डाउन पेमेंट करना पड़ सकता है। यदि शेष राशि पर 5 साल का लोन लिया जाए तो मासिक EMI लगभग 35,000 से 38,000 रुपये के बीच हो सकती है।
कार लोन लेने से पहले विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की तुलना करना जरूरी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि संभव हो तो अधिक डाउन पेमेंट करें, ताकि लोन राशि और ब्याज दोनों कम रहें। साथ ही आपकी कुल मासिक EMI आपकी आय के 25 से 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इससे ईंधन, सर्विसिंग, इंश्योरेंस और अन्य खर्चों का प्रबंधन भी आसानी से किया जा सकेगा और आपका मासिक बजट संतुलित रहेगा।



