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अंक ज्योतिष में Master Numbers का महत्व: 11, 22 और 33 क्यों माने जाते हैं उच्च आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रतीक, जीवन पथ पर इनका क्या प्रभाव?

The loktnatra

द लोकतंत्र : अंकज्योतिष (Numerology) में संख्याओं और अक्षरों की गणना को एक विशेष विज्ञान माना जाता है, जो जीवन में कंपन और ऊर्जा के प्रभाव को दर्शाता है। सामान्य अंक (1 से 9) एक निश्चित ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन अंकशास्त्र में तीन संख्याएँ—11, 22 और 33—को ‘मास्टर नंबर’ का दर्जा दिया गया है। अंकशास्त्र के जानकारों के अनुसार, ये संख्याएँ उच्च आध्यात्मिक कंपन, गहन विवेक और ब्रह्मांड के गहरे अध्यात्मिक संकेतों का प्रतीक मानी जाती हैं। इनमें सामान्य अंकों की तुलना में काफी अधिक स्पंदन, प्रभाव और उत्साह की क्षमता होती है।

मास्टर नंबर और जीवन का उद्देश्य

अंक ज्योतिष के सिद्धांतों के अनुसार, मास्टर नंबर त्रिदेवों का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। जिन व्यक्तियों का जीवन पथ संख्या **(Life Path Number) 11, 22 या 33 होता है, उनका जन्म एक खास और बड़ा उद्देश्य पूरा करने के लिए माना जाता है।

  • चुनौतियाँ और सफलता: इन लोगों को जीवन के शुरुआती दौर में अक्सर कठिनाइयों और बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। किंतु, ये लोग अपनी उच्च ऊर्जा के बल पर वापसी करते हैं और दुनिया में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जाने जाते हैं।

तीनों मास्टर अंकों का विशिष्ट महत्व

प्रत्येक मास्टर नंबर एक विशिष्ट ऊर्जा और चरित्र विशेषता को दर्शाता है।

  • मास्टर अंक 11 – सहज ज्ञान और सृजनशीलता: यह अंक संवेदनाएं, रचनात्मकता और उच्च ज्ञान का मार्गदर्शक माना जाता है। 11 अंक से जुड़े व्यक्तियों में आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि (Intuition) अन्य लोगों की तुलना में काफी ज्यादा होती है।
  • मास्टर अंक 22 – मास्टर बिल्डर और नेतृत्व: मास्टर नंबर 22 में अंक 4 की व्यावहारिक ऊर्जा समाहित होती है। ये लोग स्वाभाविक रूप से नेतृत्वकर्ता होते हैं, जो अत्यधिक महत्वाकांक्षी होने के साथ ही अपने बड़े सपनों को जमीन पर उतारने के लिए कठिन परिश्रम करते हैं।
  • मास्टर अंक 33 – भावुक और उपचारक: मास्टर अंक 33 को भावुक (Passionate) अंक माना जाता है, जिसका संबंध अंक 6 से होता है। इस अंक के लोगों में दूसरों को सलाह देने, प्रेरणा देने और उनमें बदलाव लाने की तीव्र इच्छा होती है। ऐसे लोग अक्सर शिक्षण, चिकित्सा या उपचारक के क्षेत्र में सक्रिय होते हैं।

अपना मास्टर नंबर कैसे जानें?

मास्टर नंबर पहचानने के लिए जन्म तिथि के सभी अंकों को जोड़ा जाता है जब तक कि वह एकल अंक या 11, 22, 33 में परिवर्तित न हो जाए। यदि अंतिम जोड़ 11, 22 या 33 आता है, तो वह मास्टर नंबर है; अन्यथा, उसे एकल अंक में बदलकर सामान्य जीवन पथ संख्या मानी जाती है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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