द लोकतंत्र : भारतीय सड़कों पर वाहन चलाना न केवल कौशल बल्कि धैर्य की भी परीक्षा है। बढ़ते सड़क हादसों और दुर्घटना के बाद लगने वाले झूठे आरोपों के बीच ‘डैशकैम’ (Dashcam) एक अनिवार्य गैजेट बनकर उभरा है। यह छोटा सा उपकरण न केवल ड्राइविंग के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग करता है, अपितु कानूनी विवादों में एक ठोस साक्ष्य (Evidence) के रूप में भी कार्य करता है। तकनीकी प्रगति के कारण अब यह सुविधा लक्जरी कार्यों तक सीमित नहीं रही; बाजार में अब 2,000 रुपये से भी कम कीमत में बेहतरीन डैशकैम विकल्प उपलब्ध हैं।
डैशकैम के लाभ: सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक तसल्ली
डैशकैम लगाने के पीछे केवल वीडियो बनाना उद्देश्य नहीं, बल्कि सुरक्षा के विविध आयाम जुड़े हैं।
- कानूनी सुरक्षा: सड़क हादसों में अक्सर गलती किसकी है, यह तय करना कठिन होता है। डैशकैम की फुटेज पुलिस कार्रवाई और बीमा (Insurance) दावों को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाती है।
- अनुशासन: जब ड्राइवर को ज्ञात होता है कि उसकी हर गतिविधि रिकॉर्ड हो रही है, तो ड्राइविंग में अधिक सावधानी बरती जाती है। साथ ही, पार्किंग के दौरान होने वाली तोड़फोड़ की निगरानी भी संभव होती है।
किफायती बाजार: ₹2000 के अंदर शीर्ष विकल्प
वर्तमान में ईयर-एंड सेल के कारण अग्रणी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर भारी छूट उपलब्ध है।
- AGARO Alpha: मात्र 1848 रुपये की कीमत में यह डिवाइस 3MP कैमरा और 140 डिग्री फील्ड व्यू प्रदान करता है। इसमें फुल एचडी रिकॉर्डिंग के साथ वॉयस रिकॉर्डिंग की भी सुविधा है, जो सड़क के शोर को कैप्चर करने के लिए जरूरी है।
- Autofy Dashcam: 1970 रुपये की रेंज में उपलब्ध यह कैमरा स्मार्टफोन कनेक्टिविटी के साथ आता है। इसका नाइट विजन सेंसर रात के समय भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करता है।
- CP PLUS CarKam: सुरक्षा उपकरणों में विश्वसनीय नाम CP Plus का यह मॉडल बैंक ऑफर्स के बाद 2000 रुपये से कम में खरीदा जा सकता है। इसमें वाइड एंगल व्यू के साथ लूप रिकॉर्डिंग जैसे प्रीमियम फीचर्स हैं।
इंस्टालेशन और तकनीकी सावधानी
डैशकैम लगाना अत्यंत सरल है; इसे विंडशील्ड पर चिपकाकर कार के 12V चार्जिंग सॉकेट से जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि डैशकैम के लिए हमेशा ‘हाई-एंड्योरेंस’ मेमोरी कार्ड का उपयोग करें, क्योंकि निरंतर रिकॉर्डिंग से साधारण कार्ड जल्द खराब हो सकते हैं।
भविष्य का प्रभाव: स्मार्ट मोबिलिटी की ओर
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार डैशकैम को नए वाहनों में एक मानक सुरक्षा उपकरण के रूप में अनिवार्य कर सकती है। एआई (AI) के एकीकरण से ये कैमरे लेन डिपार्चर वार्निंग और कोलिजन अलर्ट जैसी सुविधाएं भी देने लगेंगे।
निष्कर्षतः, डैशकैम अब सिर्फ एक एक्सेसरी नहीं बल्कि एक जरूरत है। 2000 रुपये से कम का यह छोटा सा निवेश आपको भविष्य के बड़े आर्थिक और कानूनी नुकसान से बचा सकता है। सड़क सुरक्षा की इस डिजिटल मुहिम में शामिल होना हर वाहन मालिक के लिए श्रेयस्कर है।

