द लोकतंत्र : कल से आरंभ होने जा रहा वर्ष 2026 अपने साथ नई उम्मीदों और संकल्पों की बौछार लेकर आया है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, नए साल पर लिए जाने वाले सबसे लोकप्रिय संकल्पों में ‘फिटनेस’ शीर्ष पर रहती है, किंतु विडंबना यह है कि 80% लोग फरवरी आते-आते अपना रास्ता भटक जाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि विफलता का मुख्य कारण अवास्तविक उम्मीदें और केवल व्यायाम पर निर्भरता है। वजन घटाना महज पसीना बहाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक सोची-समझी जीवनशैली का परिणाम है।
पोषण का विज्ञान: प्रोटीन और मेटाबॉलिज्म का संबंध
आहार विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने में 80% भूमिका भोजन की होती है।
- प्रोटीन का महत्व: हर भोजन में 20-30 ग्राम प्रोटीन शामिल करने से तृप्ति (Satiety) बनी रहती है। प्रोटीन का ‘थर्मिक इफेक्ट’ उच्च होता है, जिसका अर्थ है कि इसे पचाने के लिए शरीर को अधिक कैलोरी जलाने की आवश्यकता होती है। यह फैट बर्न करते समय मांसपेशियों को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।
- हाइड्रेशन: जल न केवल विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी गति देता है। अध्ययन बताते हैं कि अक्सर मस्तिष्क प्यास के संकेतों को भूख समझ लेता है, जिससे हम अनावश्यक कैलोरी ग्रहण कर लेते हैं।
शारीरिक सक्रियता: एरोबिक और नियमित गतिविधि
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के अनुरूप शारीरिक सक्रियता अनिवार्य है।
- नियमित जिम के अलावा, दैनिक गतिविधियों में सक्रिय रहना जरूरी है। सप्ताह में 150 मिनट की मध्यम तीव्रता वाली एरोबिक एक्टिविटी, जैसे तेज चलना या साइकिल चलाना, इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारती है और हृदय रोगों के जोखिम को न्यून करती है।
हार्मोनल संतुलन: नींद और भूख का गहन नाता
वजन बढ़ने का एक अदृश्य कारण नींद की कमी है।
- घ्रेलिन और लेप्टिन: नींद की कमी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (घ्रेलिन) को बढ़ाती है और पेट भरने का संकेत देने वाले हार्मोन (लेप्टिन) को कम करती है।
- मेंटल अवेयरनेस: ‘माइंडफुल ईटिंग’ या सोच-समझकर खाना अत्यधिक भोजन (Overeating) को रोकता है। भोजन के दौरान डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाने से पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है।
वरिष्ठ फिटनेस सलाहकारों का मानना है कि 2026 में फिटनेस का केंद्र ‘होलिस्टिक हेल्थ’ होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग प्रक्रिया (Process) का आनंद लेते हैं, वे उन लोगों की तुलना में जल्दी लक्ष्य पाते हैं जो केवल तराजू पर वजन देखते हैं। आगामी दशक में पर्सनलाइज्ड न्यूट्रीशन का बाजार और बढ़ेगा, जहाँ जेनेटिक्स के आधार पर डाइट तय की जाएगी।
निष्कर्षतः, फिटनेस कोई अस्थायी मंज़िल नहीं, बल्कि एक सतत यात्रा है। नववर्ष 2026 को परिवर्तन का आधार बनाने के लिए कठोर नियमों के बजाय सतत सुधारों को अपनाएं। जब आपकी लाइफस्टाइल संतुलित होगी, तो वजन घटाना एक बोझ नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया बन जाएगी।

