द लोकतंत्र/ रायपुर : भारत के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने वाला एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने India–EU Trade Deal को भारत के लिए ‘Mother of All Deals’ करार देते हुए कहा कि यह समझौता देश को वैश्विक आर्थिक मंच पर नई ऊँचाइयों तक ले जाने में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और सशक्त नेतृत्व का परिणाम बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह करार केवल व्यापारिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का एक भरोसेमंद, मजबूत और प्रभावशाली केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। India–EU Trade Deal से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की आर्थिक विश्वसनीयता और साख पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी, जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका निर्णायक बनेगी।
India–EU Trade Deal से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समझौता भारत की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा है। इससे न केवल निर्यात के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि विदेशी निवेश को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा। यूरोपीय यूनियन के साथ यह साझेदारी भारत को तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन के क्षेत्रों में नई गति देगी, जिससे देश की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भारत के युवाओं के लिए उम्मीदों से भरा करार बताया। उनके अनुसार, India–EU Trade Deal से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और आधुनिक तकनीक तक पहुंच आसान होगी। इससे देश के करोड़ों युवाओं के सपनों को पंख मिलेंगे और वे वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
India–EU Trade Deal ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम
उन्होंने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार बनेगा। आत्मनिर्भर भारत की सोच को वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ते हुए यह डील देश को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता और समृद्धि की ओर अग्रसर करेगी। भारत अब केवल उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में भागीदार बनने की ओर बढ़ रहा है।
अंत में मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि India–EU Trade Deal भारत की सामूहिक शक्ति, प्रभावी नीति-निर्माण और वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यही समझौता भारत को एक सशक्त आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

