द लोकतंत्र/ रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले की ऐतिहासिक और अंतर्राष्ट्रीय पुरातात्विक नगरी सिरपुर पहुंचे, जहां उन्होंने माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर सिरपुर हेलीपैड में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। यह महोत्सव आज से 3 फरवरी तक चलेगा और सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व विकासात्मक गतिविधियों का केंद्र रहेगा।
मुख्यमंत्री के साथ खाद्य एवं जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजू सिन्हा, संपत अग्रवाल, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर तथा भारत स्काउट एवं गाइड संघ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी भी उपस्थित रहे।
शासकीय स्टॉलों और विकास प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सिरपुर महोत्सव परिसर में लगाए गए विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विकास प्रदर्शनी का भी गहन निरीक्षण किया, जिसमें महासमुंद जिले में चल रही और पूर्ण हो चुकी विकास योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये के 99 विकास कार्यों की सौगात दी।
इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपये के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण और 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपये के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं से सड़क, आधारभूत संरचना, जनसुविधाएं और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सम्पूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने सिरपुर महोत्सव के मंच से सम्पूर्णता अभियान 2.0 का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकास को समग्र रूप से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सिरपुर महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया से आए बौद्ध विचारकों का सम्मान भी किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान है, जिसका अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशेष महत्व है।
सिरपुर: संस्कृति और विकास का संगम
मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को माघ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महानदी के तट पर स्थित गंधेश्वर महादेव के आशीर्वाद से यह क्षेत्र निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत, बौद्ध परंपरा और सांस्कृतिक वैभव इसे देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करते हैं।
तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन को बढ़ावा देना है। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनों और स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों के माध्यम से क्षेत्रीय पहचान को सशक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई विकास घोषणाओं से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास होगा।

